भारत-आर्मेनिया रक्षा साझेदारी में नवाचार और संयुक्त उत्पादन की नई दिशा
भारत और आर्मेनिया ने 17 अगस्त 2026 को येरेवन में रक्षा अनुसंधान, विकास, नवाचार और संयुक्त उत्पादन पर सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी को केवल खरीद-बिक्री से आगे ले जाकर तकनीकी सहयोग और सह-उत्पादन की दिशा में मजबूत करता है।
रक्षा सहयोग का दायरा बढ़ा
यह MoU भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की 16 अगस्त 2026 से शुरू हुई दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित हुआ। समझौते के तहत दोनों देश रक्षा अनुसंधान, विकास, नवाचार और संयुक्त उत्पादन के क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। यह कदम ऐसे समय आया है जब आर्मेनिया अपनी रक्षा आवश्यकताओं के लिए नए साझेदारों और तकनीकी विकल्पों की तलाश कर रहा है।
येरेवन में राजेश कुमार सिंह ने आर्मेनिया के हाई टेक इंडस्ट्री मंत्री दावित तादेवोस्यान के साथ साझा विनिर्माण और रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग पर चर्चा की। बातचीत का फोकस इस बात पर रहा कि दोनों देशों की क्षमताओं को जोड़कर रक्षा उत्पादन और तकनीकी आत्मनिर्भरता को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
उच्चस्तरीय बैठकों में रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा
यात्रा के दौरान भारतीय रक्षा सचिव ने आर्मेनिया के रक्षा मंत्री सुरेन पापिक्यान और चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्र्यान से भी मुलाकात की। इन बैठकों में रक्षा सहयोग की मौजूदा परियोजनाओं, भविष्य की जरूरतों और तकनीकी साझेदारी के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। इन बैठकों में भारत की आर्मेनिया में राजदूत निलाक्षी साहा सिन्हा भी मौजूद रहीं।
भारत-आर्मेनिया रक्षा संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। 2020 से अब तक दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित रक्षा अनुबंधों का कुल मूल्य 17 अगस्त 2026 तक लगभग 2 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा बताता है कि आर्मेनिया भारत के रक्षा निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार बनता जा रहा है।
भारतीय रक्षा प्रणालियों की बढ़ती मांग
आर्मेनिया ने भारत से कई प्रमुख रक्षा प्रणालियां खरीदी हैं या उनके लिए ऑर्डर दिए हैं। इनमें आकाश वायु रक्षा प्रणाली, पिनाका रॉकेट लॉन्चर, स्वाथी रडार और एडवांस्ड टो्ड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) शामिल हैं। ये प्रणालियां भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को भी रेखांकित करती हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- येरेवन आर्मेनिया की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है।
- आकाश भारत की सतह से हवा में मार करने वाली वायु रक्षा प्रणाली है।
- पिनाका भारतीय सेना के लिए विकसित मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है।
- ATAGS का पूरा नाम Advanced Towed Artillery Gun System है, जो एक भारतीय तोपखाना प्लेटफॉर्म है।
यह समझौता भारत की रक्षा कूटनीति, स्वदेशी तकनीक और निर्यात क्षमता को नई पहचान देता है। साथ ही, आर्मेनिया के लिए यह साझेदारी रक्षा आपूर्ति के विविधीकरण और तकनीकी सहयोग के नए अवसर खोलती है।