नेपाल ने भारतीय सेना प्रमुख को दिया मानद जनरल रैंक, रक्षा संबंधों को नई मजबूती
भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को 17 अगस्त 2026 को काठमांडू के शीतल निवास में नेपाली सेना का मानद जनरल रैंक प्रदान किया गया। यह सम्मान नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने एक औपचारिक समारोह में दिया। भारत और नेपाल के बीच यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही सैन्य कूटनीति का हिस्सा है, जो दोनों देशों के रक्षा संबंधों की निकटता को दर्शाती है।
भारत-नेपाल सैन्य परंपरा का अहम प्रतीक
भारत और नेपाल 1950 से एक-दूसरे की सेनाओं के प्रमुखों को मानद जनरल की उपाधि देते रहे हैं। यह केवल औपचारिक सम्मान नहीं, बल्कि दोनों सेनाओं के बीच भरोसे, सहयोग और निरंतर संवाद का प्रतीक है। इस व्यवस्था के तहत प्रशिक्षण, सैन्य आदान-प्रदान, औपचारिक यात्राएं और रक्षा सहयोग जैसे कई स्तरों पर संबंध मजबूत किए जाते हैं।
नेपाल और भारत के बीच लगभग 1,751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा भी है, जिसके कारण सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और सैन्य समन्वय का महत्व और बढ़ जाता है।
काठमांडू में औपचारिक कार्यक्रम और द्विपक्षीय बातचीत
समारोह से पहले जनरल सेठ ने नेपाली सेना मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया और काठमांडू के टुंडिखेल स्थित आर्मी पवेलियन में पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने नेपाली सेना के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल अशोक राज सिग्देल के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें साझा रणनीतिक हितों और सैन्य सहयोग पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर नेपाल के उपराष्ट्रपति राम सहाय प्रसाद यादव, विदेश मंत्री शिशिर खानल और नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। जनरल सेठ ने नेपाली सेना को सैन्य और चिकित्सा उपकरण भी सौंपे, जो भारत की रक्षा सहायता और सहयोग की निरंतरता को दर्शाता है।
रक्षा सहयोग के साथ शिक्षा और आपदा प्रबंधन पर भी फोकस
भारत और नेपाल के सैन्य संबंध केवल औपचारिक आयोजनों तक सीमित नहीं हैं। दोनों सेनाएं प्रशिक्षण, पेशेवर सैन्य शिक्षा और आपदा प्रतिक्रिया जैसे क्षेत्रों में भी साथ काम करती रही हैं। ऐसे सहयोग से न केवल संस्थागत संबंध मजबूत होते हैं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और मानवीय सहायता क्षमता भी बढ़ती है।
जनरल सेठ का कार्यक्रम आगे शिवपुरी में आर्मी कमांड एंड स्टाफ कोर्स के छात्र अधिकारियों को संबोधित करने और पोखरा में पूर्व सैनिक रैली में शामिल होने का भी था। इसके बाद उनके भारत लौटने की योजना थी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत और नेपाल के बीच सेना प्रमुखों को मानद जनरल रैंक देने की परंपरा 1950 से चली आ रही है।
- शीतल निवास काठमांडू में नेपाल के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास है।
- टुंडिखेल काठमांडू का ऐतिहासिक खुला मैदान है, जहां सैन्य और सार्वजनिक समारोह होते हैं।
- नेपाल और भारत के बीच लगभग 1,751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है।
यह सम्मान भारत-नेपाल रक्षा संबंधों की गहराई और आपसी विश्वास का संकेत है। ऐसे अवसर दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को औपचारिकता से आगे बढ़ाकर व्यावहारिक साझेदारी में बदलते हैं।