भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता अंतिम चरण में

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता अंतिम चरण में

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण के तहत अंतरिम व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। 1 जून 2026 को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इस समझौते के प्रथम चरण से संबंधित लगभग 99 प्रतिशत चर्चाएं पूरी हो चुकी हैं। दोनों देशों के बीच यह समझौता व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने और आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नई दिल्ली में चल रही वार्ताएं

इस अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकार 1 से 4 जून 2026 तक नई दिल्ली में बैठक कर रहे हैं। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं, जबकि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन कर रहे हैं। बैठकों का मुख्य उद्देश्य समझौते के कानूनी मसौदे और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप देना है। दोनों पक्ष ऐसे प्रावधानों पर सहमति बनाने का प्रयास कर रहे हैं जो व्यापार को अधिक सुगम और संतुलित बना सकें।

समझौते की रूपरेखा और टैरिफ व्यवस्था

भारत और अमेरिका ने 7 फरवरी 2026 को जारी संयुक्त बयान के माध्यम से इस अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनाई थी। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी पारस्परिक टैरिफ दर को 18 प्रतिशत तक समायोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। व्यापारिक माहौल में बदलाव तब आया जब 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय का एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया। इसके बाद 24 फरवरी 2026 से अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लागू किया गया। इन घटनाओं ने दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ताओं को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।

किन वस्तुओं को मिलेगा लाभ

भारत ने कई अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर शुल्क समाप्त करने या कम करने का प्रस्ताव रखा है। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, लाल ज्वार, वृक्षीय मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के ऊर्जा उत्पाद, विमान, कीमती धातुएं और प्रौद्योगिकी उत्पाद खरीदने की योजना बना रहा है। इससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में कदम

यह अंतरिम समझौता भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) का पहला चरण है। भविष्य में व्यापक व्यापार समझौते के तहत वस्तुओं, सेवाओं, निवेश, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों को भी शामिल किया जा सकता है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने 29 मई 2026 को कहा था कि आने वाले कुछ सप्ताह और महीनों में इस समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो यह दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) दो देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए किया जाने वाला औपचारिक समझौता होता है।
  • पारस्परिक टैरिफ (Reciprocal Tariffs) वे शुल्क होते हैं जो एक देश दूसरे देश द्वारा लगाए गए शुल्कों के जवाब में लागू करता है।
  • जून 2026 की भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता का आयोजन नई दिल्ली में किया जा रहा है।
  • भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताओं में आमतौर पर औद्योगिक वस्तुएं, कृषि उत्पाद, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी क्षेत्र शामिल होते हैं।

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौता दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को नई मजबूती प्रदान कर सकता है। बढ़ते वैश्विक व्यापारिक परिवर्तनों के बीच यह समझौता निवेश, निर्यात और रणनीतिक सहयोग के नए अवसर पैदा करेगा। यदि वार्ताएं सफल रहती हैं, तो यह समझौता भविष्य में व्यापक भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों की मजबूत नींव साबित हो सकता है।

Originally written on June 2, 2026 and last modified on June 2, 2026.

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