बेंगलुरु में अवैध प्रवासियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
बेंगलुरु सिटी पुलिस ने 8 अगस्त 2026 को ऑपरेशन मुक्त शुरू कर शहर के अलग-अलग इलाकों में संदिग्ध अवैध प्रवासियों की पहचान और सत्यापन की कार्रवाई की। यह अभियान मुख्य रूप से संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों पर केंद्रित था और सुबह करीब 5 बजे से कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
कई इलाकों में एक साथ छापेमारी
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में व्हाइटफील्ड डिवीजन में ही 500 से अधिक पुलिसकर्मी और अन्य स्टाफ तैनात किए गए। कार्रवाई छह पुलिस थानों की सीमा में फैले 30 से अधिक स्थानों पर की गई। इनमें व्हाइटफील्ड, कडुगोडी, मराठाहल्ली, बेलंदूर, वरथुर, महादेवपुरा और इलेक्ट्रॉनिक सिटी जैसे क्षेत्र शामिल रहे।
पुलिस टीमों ने प्रवासी श्रमिकों के ठिकानों, शेडों और अस्थायी आवासों की जांच की तथा आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे पहचान दस्तावेजों को सत्यापित किया। इलेक्ट्रॉनिक सिटी क्षेत्र में भी 15 से 20 स्थानों पर जांच की गई, जिनमें हेब्बागोडी भी शामिल था।
संदिग्धों की हिरासत और दस्तावेजों की जांच
व्हाइटफील्ड डिवीजन में करीब 40 संदिग्ध व्यक्तियों को दस्तावेज और पृष्ठभूमि सत्यापन के लिए हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान चार लोगों की पहचान ऐसे बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में हुई, जो भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। उनके पास से विदेशी दस्तावेज मिलने के बाद यह पुष्टि हुई।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में अनधिकृत निवास की पुष्टि होगी, उनमें आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय यानी FRRO के साथ समन्वय किया जाएगा। इसके बाद निर्वासन से जुड़ी औपचारिक कार्रवाई की जाएगी।
क्यों अहम है यह कार्रवाई
बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों में प्रवासी आबादी काफी अधिक है और तकनीकी व आवासीय क्षेत्रों में अस्थायी ठिकानों की संख्या भी ज्यादा है। ऐसे में पहचान सत्यापन और अवैध प्रवासियों की जांच सुरक्षा व्यवस्था, दस्तावेजी पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह अभियान शहर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करने की पुलिस की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- FRRO का पूरा नाम Foreigners Regional Registration Office है, जो भारत में विदेशियों के पंजीकरण और संबंधित प्रक्रियाओं से जुड़ा काम देखता है।
- आधार 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या है, जिसे Aadhaar Act, 2016 के तहत जारी किया जाता है।
- वोटर आईडी को भारत में Electors Photo Identity Card कहा जाता है और इसे निर्वाचन आयोग जारी करता है।
- Foreigners Act, 1946 भारत में विदेशियों के प्रवेश, ठहराव और निर्वासन से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया का आधार है।
ऑपरेशन मुक्त के जरिए बेंगलुरु पुलिस ने यह संकेत दिया है कि महानगरों में अवैध प्रवास और दस्तावेज सत्यापन को लेकर निगरानी आगे भी सख्त रह सकती है।