बिहारशरीफ में नया कर्ड-लस्सी प्लांट, सहकारी डेयरी नेटवर्क को मिलेगी रफ्तार
बिहार के नालंदा जिले में स्थित बिहारशरीफ डेयरी प्रोजेक्ट में 20 मीट्रिक टन प्रति दिन क्षमता वाला आधुनिक दही और लस्सी प्रसंस्करण संयंत्र शुरू किया गया। यह संयंत्र COMFED की प्रमुख डेयरी ब्रांड ‘सुधा’ से जुड़ा है और राज्य में मूल्यवर्धित डेयरी उत्पादों के उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
दूध से आगे बढ़कर मूल्यवर्धित उत्पादों पर फोकस
दही और लस्सी जैसे उत्पाद दूध के प्रसंस्करण से तैयार होते हैं और इनकी बाजार मांग लगातार बनी रहती है। दही दूध के जीवाणु किण्वन से बनता है, जबकि लस्सी दही आधारित पेय है, जिसे मीठे या नमकीन रूप में तैयार किया जाता है। ऐसे उत्पादों की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ने से डेयरी सहकारी नेटवर्क को केवल कच्चे दूध की बिक्री तक सीमित न रहकर अधिक लाभकारी उत्पादों की ओर बढ़ने का अवसर मिलता है।बिहारशरीफ परियोजना के तहत यह नया संयंत्र दूध संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और वितरण की पूरी सहकारी श्रृंखला को मजबूत करेगा। इससे न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर डेयरी आपूर्ति व्यवस्था भी अधिक संगठित होगी।
COMFED और सुधा ब्रांड की भूमिका
COMFED का पूरा नाम बिहार स्टेट मिल्क कोऑपरेटिव फेडरेशन है। यह बिहार में सुधा ब्रांड के तहत दूध और दुग्ध उत्पादों का संचालन करता है। सुधा ब्रांड राज्य के साथ-साथ आसपास के बाजारों में भी अपनी पहचान रखता है। नए संयंत्र के जरिए दही और लस्सी के उत्पादन को विस्तार देकर इस ब्रांड की पहुंच और मजबूत करने की कोशिश की गई है।राज्य में डेयरी सहकारिता का मॉडल किसानों, दुग्ध उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा जुड़ाव बनाता है। इसी कारण ऐसे संयंत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पशुपालन और डेयरी आधारित रोजगार के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
कार्यक्रम में अन्य पहलें भी रहीं शामिल
27 जुलाई 2026 को हुए कार्यक्रम के दौरान 300 खुदरा विक्रेताओं को डीप फ्रीजर भी वितरित किए गए और आठ पशु परिवहन वाहनों को रवाना किया गया। इससे कोल्ड चेन और पशु परिवहन से जुड़ी सुविधाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- MTPD का अर्थ है Metric Tonne Per Day, यानी प्रतिदिन प्रसंस्करण क्षमता का माप।
- COMFED बिहार स्टेट मिल्क कोऑपरेटिव फेडरेशन है, जो सुधा ब्रांड का संचालन करता है।
- दही और लस्सी मूल्यवर्धित डेयरी उत्पाद हैं, जिनसे दूध की तुलना में अधिक प्रसंस्करण मूल्य जुड़ता है।
- भारत में डेयरी सहकारिता के विस्तार को अक्सर श्वेत क्रांति से जोड़ा जाता है।
बिहारशरीफ का यह संयंत्र राज्य की सहकारी डेयरी व्यवस्था को नई दिशा देने वाला कदम है। इससे उत्पादन, वितरण और बाजार पहुंच तीनों स्तरों पर सुधा नेटवर्क की क्षमता बढ़ने की संभावना है।