बालुरघाट में पहली कौशल महोत्सव से रोजगार और कौशल का बड़ा मंच

बालुरघाट में पहली कौशल महोत्सव से रोजगार और कौशल का बड़ा मंच

पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के बालुरघाट स्टेडियम में 18 अगस्त 2026 को राज्य की पहली कौशल महोत्सव का आयोजन किया गया। यह देश में आयोजित 11वीं कौशल महोत्सव थी। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ना और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशलयुक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराना था।

कौशल महोत्सव क्या है और क्यों अहम है

कौशल महोत्सव, स्किल इंडिया मिशन से जुड़ा एक बड़ा रोजगार मेला है, जिसमें कंपनियां और नौकरी तलाश रहे उम्मीदवार एक ही मंच पर आते हैं। इसमें भर्ती, स्क्रीनिंग और चयन की प्रक्रिया एक साथ होती है। ऐसे आयोजन खास तौर पर उन युवाओं के लिए उपयोगी माने जाते हैं, जो औपचारिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल के आधार पर नौकरी की तलाश में रहते हैं।

इस बार के आयोजन में आईटी, बैंकिंग, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल जैसे क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराए गए। यह दिखाता है कि कौशल आधारित रोजगार अब केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अलग-अलग सेक्टरों में इसकी मांग बढ़ रही है।

बालुरघाट में बड़ी भागीदारी और व्यापक अवसर

इस रोजगार मेले में 50 से अधिक नियोक्ताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें विप्रो, टाटा समूह और एक्सिस बैंक जैसी कंपनियां शामिल थीं। कार्यक्रम के लिए 8,000 से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया और एक ही दिन में 7,500 से अधिक साक्षात्कार लिए गए। आयोजन में 7,000 से ज्यादा करियर अवसर उपलब्ध कराए गए।

दक्षिण दिनाजपुर जैसे जिले में इतने बड़े स्तर पर रोजगार मेला होना इस बात का संकेत है कि कौशल विकास कार्यक्रम अब महानगरों तक सीमित नहीं हैं। राज्य के दूरस्थ और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी युवाओं को उद्योगों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

केंद्र और राज्य की संयुक्त भूमिका

इस आयोजन का संचालन केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम और पश्चिम बंगाल सरकार ने मिलकर किया। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी संस्था है, जो व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार क्षमता बढ़ाने वाले कार्यक्रमों को समर्थन देती है।

कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार, पश्चिम बंगाल के जनजातीय विकास मंत्री क्षुदिराम टुडू और सिंचाई एवं जलमार्ग राज्य मंत्री जोएल मुर्मू भी मौजूद रहे। स्थानीय प्रशासन और जिला स्तर के हितधारकों की भागीदारी ने आयोजन को और व्यापक बनाया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • कौशल महोत्सव, स्किल इंडिया मिशन से जुड़ा एक बड़ा रोजगार मेला है।
  • राष्ट्रीय कौशल विकास निगम की स्थापना कौशल प्रशिक्षण और रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए की गई थी।
  • केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय का गठन 2014 में किया गया था।
  • बालुरघाट, पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले का जिला मुख्यालय है।

बालुरघाट की यह कौशल महोत्सव न केवल रोजगार उपलब्ध कराने का मंच बनी, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि कौशल विकास और उद्योग-आधारित भर्ती को जोड़कर युवाओं के लिए बेहतर अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

Originally written on August 20, 2026 and last modified on August 20, 2026.

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