बच्चों की सेहत के लिए ICMR-NIN की नई पोषण नीति
भारत में बच्चों और किशोरों के खान-पान को अधिक स्वस्थ बनाने के लिए ICMR-NIN के नेतृत्व वाले ‘लेट्स फिक्स आवर फूड’ कंसोर्टियम ने 22 जुलाई 2026 को नई नीति दस्तावेज जारी किया। ‘Priority Policy Actions to Promote Healthier Diets and Food Environments for Children and Adolescents in India’ नामक यह दस्तावेज साक्ष्य-आधारित सुझावों के जरिए स्कूलों, खाद्य वातावरण और पोषण से जुड़ी नीतियों को मजबूत करने पर केंद्रित है।
क्यों जरूरी है यह नीति दस्तावेज
भारत में बच्चों और किशोरों में अस्वास्थ्यकर भोजन की आदतें तेजी से चिंता का विषय बन रही हैं। इसके साथ ही मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग जैसी आहार-सम्बंधित गैर-संचारी बीमारियों का बोझ भी बढ़ रहा है। इसी पृष्ठभूमि में यह नीति दस्तावेज तैयार किया गया है, ताकि शुरुआती उम्र से ही बेहतर भोजन विकल्पों को बढ़ावा दिया जा सके और खाद्य वातावरण को बच्चों के अनुकूल बनाया जा सके। यह दस्तावेज लगभग तीन वर्षों के बहु-विषयक शोध, हितधारक परामर्श और नीति चर्चाओं के बाद तैयार हुआ है। इसका उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसे व्यावहारिक कदम सुझाना है जिन्हें सार्वजनिक स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में लागू किया जा सके।
कंसोर्टियम और साझेदार संस्थाएं
‘लेट्स फिक्स आवर फूड’ कंसोर्टियम एक बहु-संस्थागत मंच है, जिसका नेतृत्व भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पोषण संस्थान (ICMR-NIN) कर रहा है। इसके साथ यूनिसेफ इंडिया, विश्व स्वास्थ्य संगठन, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया, Resolve to Save Lives और वर्ल्ड फूड प्रोग्राम जैसी संस्थाएं जुड़ी हैं। इस तरह की साझेदारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बच्चों के पोषण से जुड़े मुद्दे केवल स्वास्थ्य क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। इनमें स्कूलों की भूमिका, खाद्य लेबलिंग, विज्ञापन नियंत्रण, बाजार में उपलब्ध उत्पादों की गुणवत्ता और नीति-स्तर पर नियमन, सभी शामिल होते हैं।
नीति में किन उपायों पर जोर
दस्तावेज में कई प्रमुख सिफारिशें दी गई हैं। इनमें स्वस्थ स्कूल खाद्य वातावरण, पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर फ्रंट-ऑफ-पैक न्यूट्रिशन लेबलिंग, बच्चों को अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों के विपणन पर नियंत्रण और वसा, नमक व चीनी अधिक वाले खाद्य पदार्थों पर कर जैसे उपाय शामिल हैं। कंसोर्टियम ने इस अवसर पर कुछ सहायक संसाधन भी जारी किए हैं। इनमें स्कूलों के लिए Nutrition Environment Assessment Toolkit for Schools (NEAT-S) वेबसाइट, खाद्य लेबल समझने के लिए ई-लर्निंग मॉड्यूल और वसा, चीनी तथा नमक पर शैक्षिक सामग्री शामिल है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ICMR-NIN का पूरा नाम भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पोषण संस्थान है।
- फ्रंट-ऑफ-पैक न्यूट्रिशन लेबलिंग पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के सामने वाले हिस्से पर पोषण जानकारी देने की प्रणाली है।
- HFSS का अर्थ है foods high in fat, salt, and sugar, यानी वसा, नमक और चीनी अधिक वाले खाद्य पदार्थ।
- आहार-सम्बंधित गैर-संचारी रोगों में मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग जैसी स्थितियां शामिल हैं।
यह पहल भारत में बच्चों और किशोरों के लिए पोषण नीति को अधिक व्यवहारिक और साक्ष्य-आधारित दिशा देने की कोशिश है। स्कूलों और खाद्य वातावरण पर केंद्रित ऐसे कदम लंबे समय में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार में अहम भूमिका निभा सकते हैं।