प्रसिद्ध वायलिन वादक एन राजम को मिलेगा पद्म विभूषण
हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्रसिद्ध वायलिन वादक एन राजम को भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान “पद्म विभूषण” के लिए चुना गया है। यह सम्मान भारत के राष्ट्रपति द्वारा नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में प्रदान किया जाता है और इसकी घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस सम्मान सूची में की जाती है।
पद्म पुरस्कार क्या हैं
पद्म पुरस्कार भारत सरकार के प्रमुख नागरिक सम्मान हैं, जिन्हें कला, साहित्य, विज्ञान, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। इन पुरस्कारों की तीन श्रेणियां होती हैं — पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण। पद्म विभूषण की स्थापना वर्ष 1954 में की गई थी। यह सम्मान भारत रत्न के बाद दूसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार माना जाता है।
गायकी अंग शैली की विशेषज्ञ
एन राजम हिंदुस्तानी संगीत में “गायकी अंग” शैली विकसित करने के लिए विशेष रूप से जानी जाती हैं। इस शैली में वायलिन के माध्यम से मानव आवाज की स्वर लहरियों और अलंकरणों को प्रस्तुत किया जाता है। उनका जन्म वर्ष 1938 में चेन्नई में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक संगीत प्रशिक्षण कर्नाटक संगीत में प्राप्त किया, लेकिन बाद में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की ओर रुख किया और अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
शैक्षणिक और संस्थागत योगदान
एन राजम ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में लगभग चार दशकों तक सेवाएं दीं। इस दौरान वह प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष और Faculty of Performing Arts की डीन भी रहीं। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से अनेक विद्यार्थियों को संगीत शिक्षा दी और भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अन्य प्रमुख सम्मान
एन राजम को इससे पहले वर्ष 1984 में पद्म श्री और 2004 में पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें 1990 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और 2012 में संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप भी प्रदान की गई थी।
वर्तमान जीवन और संगीत साधना
एन राजम वर्तमान में महाराष्ट्र के ठाणे जिले में रहती हैं और अब भी संगीत शिक्षण तथा प्रस्तुतियों से जुड़ी हुई हैं। वह भारतीय संगीत की गुरुकुल परंपरा को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पद्म विभूषण भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
- राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में स्थित भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है।
- ओंकारनाथ ठाकुर प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक और शिक्षक थे।
- गुरुकुल प्रणाली भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित पारंपरिक शिक्षा पद्धति है।
एन राजम का पद्म विभूषण के लिए चयन भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान की मान्यता है। उनकी संगीत साधना और शिक्षण कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।