पुरी में होगा ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण समूह का दूसरा तकनीकी सम्मेलन

पुरी में होगा ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण समूह का दूसरा तकनीकी सम्मेलन

ओडिशा के पुरी शहर में 3 से 5 जून 2026 तक ब्रिक्स (BRICS) आपदा जोखिम न्यूनीकरण समूह की दूसरी तकनीकी बैठक आयोजित की जा रही है। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ-साथ नए साझेदार देशों सहित कुल 11 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। बैठक का आयोजन पुरी स्थित ताज पुरी रिजॉर्ट में किया जा रहा है और यह भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है। यह सम्मेलन आपदा प्रबंधन, जोखिम न्यूनीकरण और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। ओडिशा में इस स्तर का अंतरराष्ट्रीय आयोजन राज्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

ब्रिक्स और आपदा जोखिम न्यूनीकरण

ब्रिक्स विश्व की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी समूह है। मूल रूप से इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। वर्तमान बैठक में सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, इथियोपिया, ईरान और इंडोनेशिया जैसे नए साझेदार देश भी भाग ले रहे हैं। भारत वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। इसी क्रम में ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य समूह की पहली तकनीकी बैठक 29-30 अप्रैल 2026 को वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई थी। पुरी में होने वाली बैठक इस श्रृंखला का दूसरा चरण है।

क्यों चुना गया ओडिशा?

ओडिशा को आपदा प्रबंधन और चक्रवात नियंत्रण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता है। राज्य ने पिछले कुछ दशकों में चक्रवातों और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणाली, त्वरित राहत कार्य और पुनर्वास मॉडल विकसित किए हैं। विशेष रूप से 1999 के ओडिशा सुपर साइक्लोन के बाद राज्य ने आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना की गई है। इसी अनुभव और आपदा सहनशीलता (Resilience) की क्षमता को देखते हुए पुरी को इस सम्मेलन के आयोजन स्थल के रूप में चुना गया है।

बैठक के प्रमुख विषय

तीन दिवसीय सम्मेलन में आपदा जोखिम न्यूनीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। इनमें शामिल हैं—

  • आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए सतत वित्तपोषण
  • आपदा-रोधी अवसंरचना का विकास
  • पूर्वानुमान आधारित प्रतिक्रिया प्रणाली
  • पारंपरिक ज्ञान का उपयोग कर आपदा सहनशीलता को मजबूत करना

इन विषयों पर सदस्य देशों के विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे और भविष्य की सहयोगात्मक रणनीतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।

सुरक्षा और आयोजन व्यवस्था

अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुरी में तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सम्मेलन के उद्घाटन कार्यक्रम में 4 जून 2026 को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के शामिल होने की भी संभावना है। यह आयोजन राज्य के पर्यटन, अंतरराष्ट्रीय पहचान और वैश्विक सम्मेलन आयोजन क्षमता को भी बढ़ावा देगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction – DRR) का उद्देश्य आपदाओं से होने वाले जान-माल और आजीविका के नुकसान को कम करना है।
  • ब्रिक्स विश्व की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी समूह है।
  • पुरी ओडिशा का एक प्रमुख तटीय शहर है, जो जगन्नाथ मंदिर और वार्षिक रथ यात्रा के लिए प्रसिद्ध है।
  • वर्ष 1999 का ओडिशा सुपर साइक्लोन भारत के सबसे विनाशकारी चक्रवातों में से एक माना जाता है।

पुरी में आयोजित यह ब्रिक्स सम्मेलन भारत और विशेष रूप से ओडिशा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अनुभवों के आदान-प्रदान से सदस्य देशों के बीच सहयोग मजबूत होगा और भविष्य की आपदाओं से निपटने के लिए अधिक प्रभावी रणनीतियां विकसित करने में सहायता मिलेगी। साथ ही यह आयोजन ओडिशा को वैश्विक सम्मेलन और पर्यटन केंद्र के रूप में भी नई पहचान दिला सकता है।

Originally written on June 2, 2026 and last modified on June 2, 2026.

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