पीलीभीत में बनेगा बासमती और ऑर्गेनिक प्रशिक्षण केंद्र
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में बासमती और ऑर्गेनिक प्रशिक्षण केंद्र के साथ एक डेमोंस्ट्रेशन फार्म स्थापित करेगा। यह परियोजना टांडा बिजेसी गांव स्थित सरकारी कृषि फार्म की 7 एकड़ भूमि हस्तांतरण के बाद आगे बढ़ी है। लगभग 15 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाला यह केंद्र किसानों को प्रीमियम बासमती खेती, जैविक कृषि और निर्यात के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि भारत की वैश्विक बासमती निर्यात स्थिति को भी मजबूत बनाएगी।
बासमती और जैविक खेती पर विशेष ध्यान
इस केंद्र में किसानों को प्रीमियम बासमती धान की खेती, बीज उत्पादन, निर्यात मानकों और ऑर्गेनिक खेती की आधुनिक तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
परियोजना का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किया जाएगा और इसे एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह केंद्र केवल पीलीभीत ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्यों के किसानों को भी लाभ पहुंचाएगा।
एआई आधारित सैटेलाइट सर्वे से फसल मानचित्रण
इस परियोजना की एक बड़ी विशेषता बासमती फसलों का एआई आधारित सैटेलाइट सर्वे होगा। इस तकनीक के माध्यम से खेती के क्षेत्र का मानचित्रण, विभिन्न बासमती किस्मों की पहचान और उत्पादन का सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा।
इससे निर्यात योजना बेहतर बनेगी, गुणवत्ता नियंत्रण मजबूत होगा और पूरी निर्यात श्रृंखला में ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित की जा सकेगी। यह तकनीकी पहल नीति निर्माण और निर्यात पूर्वानुमान को भी अधिक प्रभावी बनाएगी।
केंद्र में उपलब्ध होंगी आधुनिक सुविधाएं
एपीडा अध्यक्ष के अनुसार, प्रशिक्षण केंद्र में एक सीड यूनिट, ऑडिटोरियम और 45 अधिसूचित बासमती चावल किस्मों को प्रदर्शित करने वाला संग्रहालय बनाया जाएगा।
साथ ही यहां एक NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला भी होगी, जहां डीएनए, कीटनाशक अवशेष और भारी धातुओं की जांच की जाएगी। यह सुविधा विशेष रूप से उन देशों के लिए महत्वपूर्ण होगी, जहां खाद्य सुरक्षा मानक बहुत सख्त होते हैं।
यह केंद्र बासमती एक्सपोर्ट डेवलपमेंट फाउंडेशन (BEDF) के अंतर्गत कार्य करेगा और मेरठ के बाद उत्तर प्रदेश का दूसरा ऐसा केंद्र होगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- APEDA की स्थापना 1986 में APEDA अधिनियम के तहत हुई थी।
- बासमती चावल मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम भारत के इंडो-गंगा मैदानों में उगाया जाता है।
- NABL का पूरा नाम National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories है।
- BEDF, APEDA के अंतर्गत बासमती उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देता है।
पीलीभीत का यह बासमती और ऑर्गेनिक प्रशिक्षण केंद्र कृषि आधुनिकीकरण, निर्यात वृद्धि और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। तकनीक, परीक्षण और प्रशिक्षण के समन्वय से यह परियोजना किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभाएगी।