पीएम सूर्य घर योजना से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा
भारत में स्वच्छ ऊर्जा विस्तार को नई गति देने में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। फरवरी 2024 में शुरू हुई यह केंद्रीय योजना घरेलू उपभोक्ताओं को छतों पर सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने के लिए आर्थिक सहायता देती है। इसका लक्ष्य 2026-27 तक एक करोड़ घरों को रूफटॉप सोलर से जोड़ना है।
योजना की मुख्य विशेषताएं
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर अधिकतम 78,000 रुपये तक की प्रत्यक्ष सब्सिडी मिलती है। योजना के तहत पात्र परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ भी मिल सकता है। इस योजना की आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है। दस्तावेज जमा होने के बाद सब्सिडी सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ती हैं।
भारत में रूफटॉप सोलर की प्रगति
मार्च 2026 तक इस योजना के तहत देश में 26 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके थे। 30 अप्रैल 2026 तक भारत की ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर क्षमता 26.75 गीगावॉट तक पहुंच गई। साल 2026 की पहली तिमाही में जो नई रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ी गई, उसमें आवासीय क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और केरल जैसे राज्यों में इस योजना को मजबूत जनभागीदारी मिली है।
बजट और रियल एस्टेट पर प्रभाव
केंद्रीय बजट 2026-27 में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए 22,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। यह आवंटन बताता है कि सरकार आवासीय सौर ऊर्जा को ऊर्जा सुरक्षा और बिजली खर्च कम करने के बड़े उपाय के रूप में देख रही है। स्वच्छ ऊर्जा विस्तार से औद्योगिक पार्क, वेयरहाउसिंग, श्रमिक आवास और ऊर्जा-सक्षम घरों जैसे रियल एस्टेट क्षेत्रों को भी लाभ मिलने की संभावना है। सौर और पवन ऊर्जा से जुड़े भूमि निवेश आने वाले वर्षों में बड़े आर्थिक अवसर बना सकते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना फरवरी 2024 में शुरू की गई थी।
- योजना का लक्ष्य 2026-27 तक एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगाना है।
- इस योजना के तहत अधिकतम प्रत्यक्ष सब्सिडी 78,000 रुपये है।
- 30 अप्रैल 2026 तक भारत की ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर क्षमता 26.75 गीगावॉट थी।
रूफटॉप सोलर भारत की नवीकरणीय ऊर्जा रणनीति का अहम हिस्सा बन चुका है। यह न केवल घरों के बिजली बिल को कम करता है, बल्कि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देता है। पीएम सूर्य घर योजना आने वाले वर्षों में भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को और मजबूत कर सकती है।