पीएम-किसान की 23वीं किस्त जारी, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

पीएम-किसान की 23वीं किस्त जारी, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

भारत सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत प्रधानमंत्री 20 जून 2026 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी करने वाले हैं। इस अवसर पर देशभर के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से वित्तीय सहायता भेजी जाएगी। यह पहल किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ-साथ कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

पीएम-किसान योजना क्या है?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे फरवरी 2019 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में दी जाती है, जिसमें प्रत्येक किस्त 2,000 रुपये की होती है। योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने में सहायता देना तथा उनकी आय को स्थिरता प्रदान करना है। यह सहायता सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता और लाभार्थियों तक समय पर धनराशि पहुंच सुनिश्चित होती है।

23वीं किस्त का वितरण

23वीं किस्त के तहत लगभग 18,880 करोड़ रुपये की राशि देश के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में स्थानांतरित की जाएगी। इस कार्यक्रम का आयोजन पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर में किया जाएगा। इस किस्त का लाभ 2.18 करोड़ से अधिक महिला किसानों को भी मिलने की उम्मीद है, जो कृषि क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। पश्चिम बंगाल में ही 45.35 लाख से अधिक किसानों को 907 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त होगी। इस नई किस्त के जारी होने के बाद फरवरी 2019 से अब तक पीएम-किसान के अंतर्गत वितरित कुल राशि 4.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी।

फसल बीमा योजनाओं की शुरुआत

इसी अवसर पर प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) का भी शुभारंभ करेंगे। इन दोनों योजनाओं के लिए लगभग 12,200 करोड़ रुपये का संयुक्त प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना वर्ष 2016 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और रोगों के कारण होने वाले फसल उत्पादन नुकसान से किसानों को सुरक्षा प्रदान करना है। दूसरी ओर, पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना वर्षा की कमी, अत्यधिक वर्षा, तापमान में असामान्य बदलाव और आर्द्रता से होने वाले नुकसान के खिलाफ बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराती है।

2026-27 के लिए कवरेज लक्ष्य

सरकार ने वर्ष 2026-27 के दौरान लगभग 1.10 करोड़ किसानों को फसल बीमा सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अंतर्गत 30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को बीमा कवरेज में शामिल करने की योजना है। बीमित फसलों का अनुमानित मूल्य लगभग 28,140 करोड़ रुपये रखा गया है। यह कदम कृषि क्षेत्र में जोखिम प्रबंधन को मजबूत करने और किसानों की आय सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी।
  • पीएम-किसान के तहत किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का शुभारंभ वर्ष 2016 में किया गया था।
  • पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना मौसम संबंधी जोखिमों के विरुद्ध बीमा सुरक्षा प्रदान करती है।

पीएम-किसान की 23वीं किस्त का वितरण और नई फसल बीमा योजनाओं का विस्तार किसानों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता और व्यापक बीमा कवरेज के माध्यम से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के प्रयास कृषि क्षेत्र की स्थिरता और उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Originally written on June 20, 2026 and last modified on June 20, 2026.

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