पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में H5 बर्ड फ्लू का संदिग्ध मामला, प्रवासी समुद्री पक्षी में संक्रमण की आशंका

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में H5 बर्ड फ्लू का संदिग्ध मामला, प्रवासी समुद्री पक्षी में संक्रमण की आशंका

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में 19 जून 2026 को H5 बर्ड फ्लू का एक संदिग्ध मामला सामने आया है, जिसने वन्यजीव और स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। यह मामला एक प्रवासी समुद्री पक्षी ब्राउन स्कुआ से जुड़ा है, जो केप ले ग्रैंड नेशनल पार्क में पाया गया था। यह पार्क एस्पेरेंस के निकट स्थित है और पर्थ से लगभग 700 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। संक्रमित होने की आशंका वाला यह पक्षी 14 जून 2026 को मृत पाया गया था। प्रारंभिक जांच में एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि होने के बाद आगे की जांच के लिए नमूना विशेषज्ञ प्रयोगशाला भेजा गया है।

एवियन इन्फ्लूएंजा और H5N1 क्या है?

एवियन इन्फ्लूएंजा, जिसे सामान्य रूप से बर्ड फ्लू कहा जाता है, पक्षियों को प्रभावित करने वाला एक वायरल रोग है। H5 उपप्रकार इन्फ्लूएंजा ए वायरस परिवार का हिस्सा है। विशेष रूप से H5N1 स्ट्रेन को अत्यधिक रोगजनक माना जाता है और यह पक्षियों के साथ-साथ कुछ स्तनधारियों को भी प्रभावित कर सकता है। वर्ष 2021 के बाद से H5N1 वायरस दुनिया के कई क्षेत्रों में फैल चुका है और एशिया, यूरोप, अफ्रीका, उत्तर अमेरिका तथा दक्षिण अमेरिका में बड़ी संख्या में पक्षियों और अन्य वन्यजीवों की मृत्यु का कारण बना है।

जांच और प्रयोगशाला परीक्षण

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों ने 18 जून 2026 को मृत ब्राउन स्कुआ के नमूनों की प्रारंभिक जांच की। परीक्षण में एवियन इन्फ्लूएंजा के लिए संदिग्ध सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुआ। इसके बाद नमूने को अंतिम पुष्टि के लिए ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक संस्था सीएसआईआरओ के ऑस्ट्रेलियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिपेयर्डनेस, जिलॉन्ग भेजा गया। पुष्टिकरण परीक्षण के परिणाम 20 जून 2026 को आने की उम्मीद जताई गई है। इसी क्षेत्र में एक अन्य बीमार उप-अंटार्कटिक प्रवासी पक्षी, जायंट पेट्रेल, भी पाया गया है, जिसकी जांच भी बर्ड फ्लू संक्रमण की संभावना को देखते हुए की जा रही है।

प्रवासी समुद्री पक्षियों की भूमिका

ब्राउन स्कुआ और जायंट पेट्रेल दोनों समुद्री पक्षी हैं, जो उप-अंटार्कटिक क्षेत्रों में प्रजनन करते हैं और लंबी दूरी तक प्रवास करते हैं। ऐसे प्रवासी पक्षी विभिन्न महाद्वीपों और समुद्री क्षेत्रों के बीच रोगजनकों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी की प्रवासी प्रजातियां एवियन इन्फ्लूएंजा जैसे वायरस को नए क्षेत्रों तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती हैं, जिससे वन्यजीव संरक्षण और जैव सुरक्षा के लिए नई चुनौतियां उत्पन्न होती हैं।

ऑस्ट्रेलिया में बर्ड फ्लू की पृष्ठभूमि

ऑस्ट्रेलिया में इससे पहले अक्टूबर 2025 में हर्ड द्वीप पर H5 बर्ड फ्लू का प्रकोप दर्ज किया गया था। उस घटना में 13,000 से अधिक दक्षिणी हाथी सील के शावकों की मृत्यु हुई थी। हालांकि हर्ड द्वीप ऑस्ट्रेलिया का बाह्य क्षेत्र है और मुख्य भूमि से लगभग 4,000 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। यदि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में यह मामला अंतिम रूप से पुष्टि हो जाता है, तो यह ऑस्ट्रेलियाई मुख्य भूमि पर H5N1 का पहला पुष्ट मामला माना जाएगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • H5N1 इन्फ्लूएंजा ए वायरस का एक उपप्रकार है, जो एवियन इन्फ्लूएंजा से जुड़ा हुआ है।
  • सीएसआईआरओ (CSIRO) का पूर्ण नाम कॉमनवेल्थ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन है।
  • ब्राउन स्कुआ और जायंट पेट्रेल उप-अंटार्कटिक क्षेत्रों में पाए जाने वाले लंबी दूरी के प्रवासी समुद्री पक्षी हैं।
  • हर्ड द्वीप ऑस्ट्रेलिया का एक बाह्य क्षेत्र है, जहां अक्टूबर 2025 में H5 बर्ड फ्लू का प्रकोप दर्ज किया गया था।

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में सामने आया यह संदिग्ध H5 बर्ड फ्लू मामला जैव सुरक्षा और वन्यजीव स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि परीक्षण में H5N1 संक्रमण की पुष्टि होती है, तो यह ऑस्ट्रेलियाई मुख्य भूमि पर इस वायरस की पहली उपस्थिति होगी। इससे प्रवासी पक्षियों की निगरानी, वन्यजीव संरक्षण और रोग नियंत्रण उपायों को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता सामने आ सकती है।

Originally written on June 20, 2026 and last modified on June 20, 2026.

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