पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में 10 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी
भारत की न्यायिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में 10 अधिवक्ताओं को न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश को मंजूरी दी है। यह निर्णय न्यायपालिका में रिक्तियों को भरने और न्यायिक कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम प्रणाली क्या है
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम भारत में न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण के लिए एक प्रमुख प्रणाली है। इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं। यह संस्था सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश करती है। हालांकि, कॉलेजियम प्रणाली का उल्लेख सीधे संविधान में नहीं है, बल्कि यह न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णयों—विशेषकर 1993 के दूसरे न्यायाधीश मामला और 1998 के तीसरे न्यायाधीश मामला—के माध्यम से विकसित हुई है। यह प्रणाली संविधान के अनुच्छेद 124 और 217 की व्याख्या पर आधारित है।
हाई कोर्ट न्यायाधीश की नियुक्ति प्रक्रिया
हाई कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 217 के तहत की जाती है। इस प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश, संबंधित राज्य के राज्यपाल और उस हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श किया जाता है। न्यायाधीश बनने के लिए व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। साथ ही, उसे कम से कम 10 वर्षों तक न्यायिक पद पर कार्य करने का अनुभव होना चाहिए या किसी हाई कोर्ट में 10 वर्षों तक अधिवक्ता के रूप में कार्य किया होना चाहिए।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का महत्व
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट एक संयुक्त उच्च न्यायालय है, जो पंजाब और हरियाणा राज्यों के साथ-साथ चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के लिए कार्य करता है। इसका मुख्यालय चंडीगढ़ में स्थित है। यह हाई कोर्ट संविधान के भाग VI के अंतर्गत स्थापित एक महत्वपूर्ण न्यायिक संस्था है, जो मूल, अपीलीय और रिट अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करता है। अनुच्छेद 226 और 227 के तहत इसे विशेष अधिकार प्राप्त हैं, जिनके माध्यम से यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम प्रणाली का संबंध 1993 और 1998 के न्यायाधीश मामलों से है।
- अनुच्छेद 124 सुप्रीम कोर्ट और अनुच्छेद 217 हाई कोर्ट न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित है।
- भारत में हाई कोर्ट की स्थापना 1861 के भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम के तहत हुई थी।
- पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट एक ही स्थान चंडीगढ़ से दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के लिए कार्य करता है।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में नए न्यायाधीशों की नियुक्ति न्यायिक प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इससे मामलों के शीघ्र निपटान में सहायता मिलेगी और न्याय वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।