नील गेह्रेल्स स्विफ्ट वेधशाला को बचाने के लिए नासा का रोबोटिक मिशन
अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा वर्ष 2004 में प्रक्षेपित नील गेह्रेल्स स्विफ्ट वेधशाला को बचाने की तैयारी कर रही है। इस अंतरिक्ष दूरबीन की कक्षा लगातार घट रही है, जिसके कारण इसके पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने का खतरा बढ़ गया है। इसे रोकने के लिए नासा एक विशेष रोबोटिक सर्विसिंग मिशन शुरू करेगा, जिसका उद्देश्य वेधशाला को पकड़कर उसकी कक्षा लगभग 360 किलोमीटर से बढ़ाकर 600 किलोमीटर तक पहुंचाना है। मिशन सफल होने पर स्विफ्ट वेधशाला फिर से वैज्ञानिक अनुसंधान कार्य शुरू कर सकेगी।
नील गेह्रेल्स स्विफ्ट वेधशाला क्या है?
नील गेह्रेल्स स्विफ्ट वेधशाला का प्रक्षेपण वर्ष 2004 में उच्च-ऊर्जा खगोल भौतिकी अनुसंधान के लिए किया गया था। इसमें गामा-रे विस्फोटों (Gamma-Ray Bursts), एक्स-रे खगोल विज्ञान तथा पराबैंगनी (Ultraviolet) अवलोकनों के लिए अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरण लगाए गए हैं। यह वेधशाला ब्रह्मांड में होने वाली अत्यधिक ऊर्जावान घटनाओं का अध्ययन करने में वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम रही है। हालाँकि, इस वेधशाला को प्रारंभ में रोबोटिक सर्विसिंग को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया था। इसलिए इसे अंतरिक्ष में पकड़ना और सुरक्षित रूप से ऊँची कक्षा में पहुँचाना तकनीकी रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य माना जा रहा है।
लिंक अंतरिक्षयान करेगा बचाव अभियान
इस मिशन के लिए लिंक (LINK) नामक विशेष अंतरिक्षयान विकसित किया जा रहा है, जिसे अमेरिका की एरिज़ोना स्थित कंपनी कैटालिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजीज़ तैयार कर रही है। यह अंतरिक्षयान नॉर्थरोप ग्रुम्मन पेगासस एक्सएल रॉकेट के माध्यम से प्रक्षेपित किया जाएगा। लिंक में तीन रोबोटिक भुजाएँ (Robotic Arms) लगाई गई हैं, जिनकी सहायता से यह स्विफ्ट वेधशाला के पास पहुँचकर उसे सुरक्षित रूप से पकड़ने का प्रयास करेगा। इसके बाद आयन थ्रस्टर की मदद से वेधशाला की कक्षा को ऊँचाई पर ले जाया जाएगा, जिससे उसका परिचालन जीवन बढ़ सके।
कक्षा में गिरावट और मिशन का महत्व
वर्ष 2025 की शुरुआत से स्विफ्ट वेधशाला की कक्षा में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इसका प्रमुख कारण वर्ष 2024 से बढ़ी सौर गतिविधियों के कारण पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में उत्पन्न अतिरिक्त घर्षण है। इसी चुनौती से निपटने के लिए नासा ने सितंबर 2025 में कैटालिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजीज़ को लगभग 3 करोड़ अमेरिकी डॉलर का अनुबंध प्रदान किया, जिसके अंतर्गत केवल नौ महीनों में लिंक अंतरिक्षयान का डिजाइन, निर्माण, परीक्षण और प्रक्षेपण किया जाना है। यदि यह मिशन सफल रहता है, तो यह पहली बार होगा जब कोई निजी अंतरिक्षयान अमेरिका सरकार के एक मानव रहित उपग्रह को पकड़कर उसकी कक्षा को ऊँचा करेगा। इस सफलता के बाद स्विफ्ट वेधशाला के वैज्ञानिक अभियान वर्ष 2026 की शरद ऋतु से दोबारा शुरू होने की संभावना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- नील गेह्रेल्स स्विफ्ट वेधशाला का प्रक्षेपण वर्ष 2004 में किया गया था।
- लिंक मिशन का उद्देश्य अमेरिका सरकार के एक मानव रहित उपग्रह को पकड़कर उसकी कक्षा बढ़ाना है।
- इस मिशन में नॉर्थरोप ग्रुम्मन पेगासस एक्सएल रॉकेट का उपयोग किया जाएगा।
- स्विफ्ट वेधशाला की वैज्ञानिक गतिविधियाँ फरवरी 2026 से अस्थायी रूप से निलंबित हैं।
नील गेह्रेल्स स्विफ्ट वेधशाला को बचाने का यह मिशन अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और रोबोटिक सर्विसिंग के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। यदि यह प्रयास सफल होता है, तो भविष्य में पुराने उपग्रहों और अंतरिक्ष वेधशालाओं के रखरखाव तथा उनकी उपयोगिता बढ़ाने के लिए नई संभावनाएँ खुलेंगी, जिससे अंतरिक्ष अनुसंधान को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।