नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026: जनजागरूकता और जनभागीदारी से नशामुक्त समाज की ओर बड़ा कदम
भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तहत 17 जून से 26 जून 2026 तक पूरे देश में नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026 का आयोजन किया गया। यह विशेष अभियान नशा मुक्त भारत अभियान (Nasha Mukt Bharat Abhiyaan) के अंतर्गत संचालित किया गया, जिसका उद्देश्य नशे की मांग को कम करना, लोगों में जागरूकता बढ़ाना और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। इस सप्ताह का समापन 26 जून, अर्थात अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य सेवन एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर किया गया।
नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य
नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत वर्ष 2020 में देशव्यापी जनजागरूकता अभियान के रूप में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों की मांग को कम करना, लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा परामर्श और पुनर्वास सेवाओं को बढ़ावा देना है। यह अभियान स्कूलों, कॉलेजों, गांवों, शहरी स्थानीय निकायों तथा विभिन्न समुदायों में जागरूकता कार्यक्रमों, परामर्श सेवाओं और सामाजिक भागीदारी के माध्यम से संचालित किया जाता है। विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को इस अभियान का प्रमुख लक्ष्य समूह बनाया गया है।
सप्ताह भर आयोजित हुए विविध कार्यक्रम
नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026 के दौरान देशभर में अनेक जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें सामूहिक नशामुक्ति शपथ, जागरूकता रैलियाँ, साइकिल रैलियाँ, पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिताएँ, योग और ध्यान सत्र, स्वास्थ्य शिविर, परामर्श कार्यक्रम, सामुदायिक संपर्क अभियान तथा सोशल मीडिया जागरूकता अभियान प्रमुख रहे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ और नशामुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देना था। युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया।
उद्घाटन और समापन समारोह
इस अभियान का शुभारंभ 17 जून 2026 को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने वर्चुअल माध्यम से किया। उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने ‘नशा मुक्ति मित्र’ पर्सनल डैशबोर्ड तथा नशा मुक्त भारत अभियान पर आधारित एक लघु फिल्म भी लॉन्च की। अभियान का समापन 26 जून 2026 को देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार (उत्तराखंड) में आयोजित कार्यक्रम के साथ हुआ। इस अवसर पर सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा ऑल वर्ल्ड गायत्री परिवार के बीच दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
व्यापक जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग
नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026 में पूरे देश से 1.31 करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया। यह अभियान सरकारी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय समुदायों के सहयोग से संचालित किया गया। जनभागीदारी पर आधारित ऐसे अभियान समाज में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने, युवाओं को सकारात्मक दिशा देने तथा स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत वर्ष 2020 में की गई थी।
- अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य सेवन एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जून को मनाया जाता है।
- संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) वैश्विक स्तर पर मादक पदार्थ नियंत्रण और अपराध रोकथाम से संबंधित प्रमुख संयुक्त राष्ट्र एजेंसी है।
- देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार, उत्तराखंड में स्थित है।
नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026 ने यह संदेश दिया कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल कानून ही नहीं, बल्कि जनजागरूकता, सामुदायिक सहयोग और युवाओं की सक्रिय भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। सरकार, सामाजिक संगठनों और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से ही एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।