दिल्ली ने ‘दिल्ली नेक्स्ट – कोड, क्रिएट एंड चेंज’ कार्यक्रम शुरू किया
2 जुलाई 2026 को दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सरकारी विभागों के लिए ‘दिल्ली नेक्स्ट – कोड, क्रिएट एंड चेंज’ नामक एक नागरिक-प्रौद्योगिकी (सिविक-टेक) नवाचार कार्यक्रम की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से शहरी समस्याओं का समाधान विकसित करना और सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा नागरिक-केंद्रित बनाना है। कार्यक्रम के अंतर्गत 60 नवाचारी परियोजनाओं का पायलट स्तर पर परीक्षण किया जाएगा, जिससे राजधानी की विभिन्न शहरी चुनौतियों का समाधान खोजा जा सके।
सिविक-टेक नवाचार क्या है?
सिविक-टेक (Civic-Tech) का अर्थ ऐसी डिजिटल तकनीकों, सॉफ्टवेयर और डेटा-आधारित प्रणालियों से है, जिनका उपयोग सार्वजनिक सेवाओं, नगर प्रशासन और नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। भारत में सिविक-टेक के माध्यम से ट्रैफिक प्रबंधन, जलभराव की निगरानी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली और शहरी परिवहन सेवाओं जैसे क्षेत्रों में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। यह तकनीक प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद को भी अधिक सरल और प्रभावी बनाती है।
कार्यक्रम की रूपरेखा और भागीदारी
इस पहल में विद्यार्थियों, स्टार्ट-अप्स, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों और नवाचार से जुड़े विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया गया है, ताकि वे तकनीक आधारित समाधान प्रस्तुत कर सकें। कार्यक्रम के लिए देशभर से 2.5 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, जबकि जागरूकता अभियान के माध्यम से एक करोड़ से अधिक युवाओं तक इसकी पहुंच बनाई गई। विशेषज्ञ समिति ने 5,000 से अधिक तकनीकी प्रस्तावों की समीक्षा कर 1,000 प्रतिभागियों को अगले चरण के लिए चुना। अंतिम चरण में चयनित 60 टीमों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने तकनीकी समाधानों का लाइव प्रदर्शन किया।
प्राथमिकता वाले शहरी क्षेत्र और कार्यान्वयन
यह कार्यक्रम ट्रैफिक प्रबंधन, जलभराव, स्मार्ट पार्किंग, वायु प्रदूषण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र, डिजिटल प्रशासन और नागरिक शिकायत निवारण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित है। चयनित टीमों को संबंधित सरकारी विभागों का मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा, ताकि वे मिनिमम वायबल प्रोडक्ट (एमवीपी) अर्थात किसी उत्पाद का प्रारंभिक कार्यशील संस्करण विकसित कर सकें। इसके साथ ही प्रतिभागियों को मेंटरशिप, पायलट परीक्षण की सुविधा और सफल समाधान को सरकारी कार्यप्रणाली में शामिल करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप भी उपलब्ध कराया जाएगा।
शहरी प्रशासन में डिजिटल शासन का महत्व
भारत में शहरी प्रशासन की जिम्मेदारी नगर निकायों, राज्य सरकार के विभागों तथा विभिन्न सार्वजनिक एजेंसियों पर होती है। सड़क, जल निकासी, स्वच्छता, परिवहन और नागरिक सुविधाओं जैसी सेवाओं को अधिक कुशल बनाने के लिए डिजिटल शासन (डिजिटल गवर्नेंस) की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इस प्रकार के नवाचार कार्यक्रम सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ाने के साथ-साथ नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- दिल्ली की वर्तमान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हैं।
- दिल्ली एक केंद्रशासित प्रदेश है, जहाँ संविधान के अंतर्गत विशेष प्रशासनिक व्यवस्था और विधान सभा का प्रावधान है।
- हैकाथॉन एक निर्धारित समयावधि में आयोजित प्रतियोगिता होती है, जिसमें प्रतिभागी टीम बनाकर तकनीकी समाधान विकसित करते हैं।
- मिनिमम वायबल प्रोडक्ट (एमवीपी) किसी उत्पाद का प्रारंभिक कार्यशील संस्करण होता है, जिसका उपयोग उसके मुख्य फीचर्स का परीक्षण और सुधार करने के लिए किया जाता है।
दिल्ली सरकार का ‘दिल्ली नेक्स्ट – कोड, क्रिएट एंड चेंज’ कार्यक्रम तकनीक और नवाचार के माध्यम से शहरी प्रशासन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल युवाओं, स्टार्ट-अप्स और शोधकर्ताओं की प्रतिभा को शासन व्यवस्था से जोड़ते हुए नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और भविष्य के लिए तैयार बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।