दिल्ली ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में बढ़त बनाकर देश को दिया नया संकेत

दिल्ली ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में बढ़त बनाकर देश को दिया नया संकेत

नीति आयोग के इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स (IEMI) 2025 में दिल्ली ने 84 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया है। यह रैंकिंग बताती है कि इलेक्ट्रिक वाहनों, चार्जिंग ढांचे और नवाचार के मामले में राजधानी ने अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की तुलना में बेहतर तैयारी दिखाई है।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स क्या मापता है

इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स एक समग्र सूचकांक है, जिसे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए तैयारी को परखने के लिए बनाया गया है। इसे नीति आयोग ने WRI India के सहयोग से विकसित किया है। इसमें तीन प्रमुख पहलुओं को शामिल किया गया है—परिवहन के विद्युतीकरण की प्रगति, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता और ईवी शोध व नवाचार की स्थिति।

इस सूचकांक में सबसे अधिक 50 प्रतिशत वेटेज परिवहन विद्युतीकरण को दिया गया है। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को 30 प्रतिशत और ईवी शोध एवं नवाचार को 20 प्रतिशत वेटेज मिला है। इससे स्पष्ट है कि केवल वाहनों की संख्या ही नहीं, बल्कि सहायक ढांचे और तकनीकी क्षमता को भी समान महत्व दिया गया है।

दिल्ली, महाराष्ट्र और कर्नाटक की स्थिति

दिल्ली ने पिछले संस्करण के 77 अंकों से सुधार करते हुए 84 अंक हासिल किए। महाराष्ट्र 78 अंकों के साथ और कर्नाटक 73 अंकों के साथ शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल रहे। यह रैंकिंग दिखाती है कि देश के कुछ बड़े शहरी और औद्योगिक केंद्र इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

दिल्ली की बढ़त खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यहां सार्वजनिक परिवहन, निजी वाहन और चार्जिंग नेटवर्क जैसे कई स्तरों पर इलेक्ट्रिक विकल्पों का विस्तार हो रहा है। ऐसे में यह रैंकिंग नीति-निर्माताओं के लिए एक संकेत भी है कि किस क्षेत्र में और सुधार की जरूरत है।

नवाचार और नीति-निर्माण के लिए क्यों अहम है यह रैंकिंग

ईवी रिसर्च एंड इनोवेशन स्टेटस श्रेणी में दिल्ली ने 94 अंक हासिल किए, जो इस थीम में सबसे अधिक है। इस श्रेणी में शोध गतिविधि, नवाचार क्षमता और ईवी पारिस्थितिकी तंत्र के समर्थन जैसे पहलुओं को देखा जाता है। इससे यह संकेत मिलता है कि दिल्ली केवल उपयोग के स्तर पर ही नहीं, बल्कि तकनीकी और संस्थागत तैयारी में भी आगे है।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब भारत की ऊर्जा, पर्यावरण और शहरी परिवहन नीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रिक दोपहिया, इलेक्ट्रिक कारें, इलेक्ट्रिक बसें और चार्जिंग नेटवर्क—ये सभी मिलकर इस बदलाव की दिशा तय करते हैं। इसी कारण राज्य-स्तरीय सूचकांक यह समझने में मदद करते हैं कि किस क्षेत्र में अपनाने की गति तेज है और कहां बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • नीति आयोग भारत सरकार का प्रमुख नीति-निर्माण थिंक टैंक है।
  • WRI India, World Resources Institute की भारत इकाई है।
  • IEMI में तीन थीम शामिल हैं: परिवहन विद्युतीकरण, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ईवी शोध व नवाचार।
  • इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में इलेक्ट्रिक दोपहिया, कारें, बसें और चार्जिंग नेटवर्क शामिल होते हैं।

दिल्ली की यह उपलब्धि बताती है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब केवल पर्यावरणीय विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की परिवहन व्यवस्था का केंद्रीय हिस्सा बनती जा रही है।

Originally written on September 17, 2026 and last modified on September 17, 2026.

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