दक्षिण कोरिया में पेश हुआ पहला रोबोट भिक्षु

दक्षिण कोरिया में पेश हुआ पहला रोबोट भिक्षु

दक्षिण कोरिया में तकनीक और धर्म के अनोखे मेल का उदाहरण देखने को मिला, जब सियोल स्थित जोग्येसा मंदिर में 6 मई 2026 को ‘गाबी’ नामक पहले मानवाकार रोबोट भिक्षु को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया गया। यह आयोजन बुद्ध जयंती से पहले जोग्ये बौद्ध संप्रदाय द्वारा आयोजित किया गया। इस रोबोट ने पारंपरिक बौद्ध अनुष्ठानों में भाग लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

कैसा है रोबोट भिक्षु गाबी

गाबी एक मानवाकार रोबोट है, जिसे इंसानों जैसी शारीरिक संरचना के साथ तैयार किया गया है। इसमें सिर, धड़, हाथ और पैर मौजूद हैं। इसकी ऊंचाई लगभग 130 सेंटीमीटर है और समारोह के दौरान इसे भूरे और धूसर रंग के बौद्ध वस्त्र पहनाए गए थे। यह रोबोट यूनिट्री जी1 प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसे चीन की यूनिट्री रोबोटिक्स कंपनी ने विकसित किया है।

बौद्ध परंपरा के अनुसार हुआ दीक्षा समारोह

दीक्षा समारोह के दौरान गाबी ने वरिष्ठ भिक्षुओं को नमन किया और बौद्ध धर्म के प्रति समर्पण की शपथ ली। इसके बाद उसे ‘गाबी’ नाम प्रदान किया गया। यह नाम बुद्ध के जन्म नाम सिद्धार्थ और कोरियाई शब्द ‘जाबी’ यानी दया को मिलाकर बनाया गया है। इस अवसर पर जोग्ये संप्रदाय ने रोबोट के लिए विशेष रूप से पांच संशोधित बौद्ध नियम भी तैयार किए।

रोबोट के लिए बनाए गए विशेष नियम

गाबी को दिए गए नियमों में जीवन का सम्मान करना, अन्य रोबोट या वस्तुओं को नुकसान न पहुंचाना, मनुष्यों की आज्ञा मानना, झूठ या भ्रमित करने वाली बातें न कहना और अधिक चार्जिंग से बचकर ऊर्जा की बचत करना शामिल है। इन नियमों का उद्देश्य तकनीक और नैतिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाना बताया गया।

धार्मिक प्रतीकों और उत्सव का महत्व

समारोह में गाबी को 108 मनकों वाली माला और लोटस लैंटर्न फेस्टिवल का प्रतीक चिन्ह भी दिया गया। पारंपरिक ‘योनबी’ प्रथा में शरीर पर अगरबत्ती के निशान बनाए जाते हैं, लेकिन इस बार रोबोट होने के कारण इस प्रक्रिया को बदला गया। लोटस लैंटर्न फेस्टिवल दक्षिण कोरिया का प्रमुख बौद्ध उत्सव है, जो बुद्ध जयंती से जुड़ा होता है।

रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का बढ़ता प्रभाव

मानवाकार रोबोट अब केवल वैज्ञानिक अनुसंधान तक सीमित नहीं रहे हैं। इन्हें सेवा कार्यों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। गाबी के साथ अन्य रोबोट जैसे सियोकजा, मोही और निसा भी भविष्य में लैंटर्न परेड में भाग लेंगे। यह घटना दिखाती है कि आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • जोग्ये संप्रदाय दक्षिण कोरिया का सबसे बड़ा बौद्ध संगठन है।
  • जोग्येसा मंदिर सियोल के प्रमुख बौद्ध मंदिरों में शामिल है।
  • बुद्ध जयंती पूर्वी एशियाई बौद्ध परंपराओं में चंद्र कैलेंडर के चौथे महीने के आठवें दिन मनाई जाती है।
  • यूनिट्री रोबोटिक्स चीन की प्रसिद्ध रोबोटिक्स कंपनी है, जिसने यूनिट्री जी1 प्लेटफॉर्म विकसित किया है।

दक्षिण कोरिया में रोबोट भिक्षु गाबी की प्रस्तुति ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक धार्मिक मान्यताएं साथ-साथ आगे बढ़ सकती हैं। यह पहल भविष्य में धर्म, संस्कृति और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नए संबंधों की दिशा भी तय कर सकती है।

Originally written on May 7, 2026 and last modified on May 7, 2026.

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