तेलंगाना में AI-आधारित 112 सिस्टम से आपात प्रतिक्रिया हुई तेज

तेलंगाना में AI-आधारित 112 सिस्टम से आपात प्रतिक्रिया हुई तेज

तेलंगाना पुलिस ने हैदराबाद स्थित तेलंगाना इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में नेक्स्टजेन डायल-112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम शुरू किया है। एआई-सक्षम तेलंगाना इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (TG-ERSS) नाम से विकसित यह प्लेटफॉर्म 112 के तहत 18 आपात सेवाओं को एकीकृत करता है और कॉल प्रोसेसिंग से लेकर घटना की प्राथमिकता तय करने तक कई चरणों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करता है।

एक नंबर, कई आपात सेवाएं

राष्ट्रीय आपात नंबर 112 देश में पुलिस, अग्निशमन, एम्बुलेंस, महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और आपदा प्रतिक्रिया जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत संपर्क माध्यम है। इसी ढांचे के तहत तेलंगाना ने अपने सिस्टम को अपग्रेड किया है ताकि अलग-अलग हेल्पलाइन की जगह एक ही प्लेटफॉर्म से त्वरित सहायता पहुंचाई जा सके। इस नए सिस्टम का उद्देश्य केवल कॉल लेना नहीं, बल्कि सही सूचना को तुरंत छांटना, उसे उपयुक्त एजेंसी तक भेजना और प्रतिक्रिया समय घटाना है। राज्य पुलिस के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म आपात स्थिति में समन्वय को अधिक प्रभावी बनाता है।

एआई से कॉल छंटनी और तेज रूटिंग

TG-ERSS में इंटेलिजेंट फिल्टरिंग, एआई-आधारित गंभीरता वर्गीकरण, स्मार्ट कॉल रूटिंग और वॉयस-टू-टेक्स्ट ट्रांसक्रिप्शन जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इससे डुप्लीकेट और गैर-आपात कॉल अलग हो जाती हैं और वास्तविक संकट वाली कॉल को प्राथमिकता मिलती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अपग्रेड के बाद कॉल सेंटर प्रोसेसिंग समय 190 सेकंड से घटकर 133 सेकंड रह गया है, यानी लगभग 30 प्रतिशत की कमी आई है। यह सुधार आपात सेवाओं में समय की बचत के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ड्रोन और लोकेशन ट्रैकिंग से मजबूत हुई प्रतिक्रिया

तेलंगाना देश का पहला राज्य बन गया है जिसने अपने इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम में ड्रोन तकनीक को जोड़ा है। एआई-सक्षम ड्रोन को पायलट आधार पर हैदराबाद, साइबराबाद, मलकाजगिरी और फ्यूचर सिटी कमिश्नरेट्स में फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में तैनात किया गया है। सिस्टम में लोकेशन-बेस्ड सर्विसेज, एडवांस्ड लोकेशन सर्विसेज और गूगल मैप्स इंटीग्रेशन का उपयोग किया जा रहा है, जिससे लगभग 94 प्रतिशत कॉलर्स की लोकेशन पहचानने में मदद मिलती है। इसके साथ ही डायल 100 संचालन को सरकारी स्वामित्व वाले ढांचे में TGiCCC पर स्थानांतरित किया गया है, जिससे नियंत्रण और समन्वय और बेहतर हुआ है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • 112 भारत का एकीकृत राष्ट्रीय आपात नंबर है, जिसका उपयोग कई तरह की आपात सेवाओं के लिए किया जाता है।
  • TG-ERSS में एआई का उपयोग कॉल फिल्टरिंग, प्राथमिकता निर्धारण, स्मार्ट रूटिंग और वॉयस-टू-टेक्स्ट के लिए किया गया है।
  • तेलंगाना में औसत आपात प्रतिक्रिया समय लगभग 10 मिनट 30 सेकंड बताया गया है, जबकि राष्ट्रीय औसत लगभग 18 मिनट है।
  • तेलंगाना में शहरी क्षेत्रों का औसत प्रतिक्रिया समय लगभग 6 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों का लगभग 15 मिनट है।

कुल मिलाकर, तेलंगाना का यह कदम दिखाता है कि आपात सेवाओं में तकनीक का उपयोग केवल सुविधा नहीं, बल्कि जीवन बचाने की गति और सटीकता बढ़ाने का माध्यम बन रहा है।

Originally written on August 6, 2026 and last modified on August 6, 2026.

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