तियांगोंग में अंतरिक्ष धान की पहली कटाई, चांद-मंगल खेती की दिशा में बड़ा कदम

तियांगोंग में अंतरिक्ष धान की पहली कटाई, चांद-मंगल खेती की दिशा में बड़ा कदम

चीन के तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन पर 5 अगस्त 2026 को कक्षा में उगाई गई धान की पहली फसल काटी गई। यह उपलब्धि शेनझोउ-23 मिशन का हिस्सा है, जिसके तहत अंतरिक्ष यात्रियों ने धान के नमूने इकट्ठा कर आगे के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए सुरक्षित किया। यह प्रयोग अंतरिक्ष में लंबे समय तक खाद्य उत्पादन की संभावनाओं को समझने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

शेनझोउ-23 मिशन और तियांगोंग की भूमिका

शेनझोउ-23 मिशन 24 मई 2026 को लॉन्च हुआ था। इस मिशन के चालक दल में झू यांगझू, झांग झीयुआन और लाई का-यिंग शामिल थे, जिन्होंने कक्षा में धान की कटाई और नमूनों के भंडारण का काम संभाला। तियांगोंग चीन का मॉड्यूलर अंतरिक्ष स्टेशन है, जो कम पृथ्वी कक्षा में लंबे समय तक मानव मिशनों और जैविक प्रयोगों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।इस स्टेशन पर किए जा रहे प्रयोग केवल पौधों की वृद्धि तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भी जांचते हैं कि अंतरिक्ष का वातावरण जीवित प्रणालियों पर किस तरह असर डालता है।

सूक्ष्म गुरुत्व में धान उगाने का प्रयोग क्यों खास है

यह प्रयोग अंतरिक्ष में धान की दो पीढ़ियों की निरंतर खेती हासिल करने की कोशिश का हिस्सा है। वैज्ञानिकों का लक्ष्य दो लगातार जीवन चक्र पूरे करना और यह समझना है कि लंबे समय तक सूक्ष्म गुरुत्व में रहने से पौधों की आनुवंशिक स्थिरता, विकास और बीज प्रजनन पर क्या प्रभाव पड़ता है।इस अध्ययन में जापोनिका धान के दो प्रकार के बीज इस्तेमाल किए गए हैं। एक समूह सामान्य बीजों का है, जो पहले कभी अंतरिक्ष में नहीं गए थे। दूसरा समूह “स्पेस वंश” वाले बीजों का है, जो 2022 में तियांगोंग पर उगाए गए धान से विकसित हुए और पृथ्वी पर तीन पीढ़ियों तक संवर्धित किए गए।

भविष्य की अंतरिक्ष खेती के लिए वैज्ञानिक उपयोग

प्रयोग में चार कल्टीवेशन यूनिट और दो प्रजनन विधियों का उपयोग किया गया है। एक विधि पारंपरिक बीज-से-बीज लैंगिक प्रजनन की है, जबकि दूसरी रैटूनिंग है, जिसमें कटाई के बाद बचे हुए जड़ों या ठूंठ से नई कोंपलें निकलती हैं।वापस लाए गए धान के दानों, तनों और पत्तियों का विश्लेषण किया जाएगा। इससे वैज्ञानिक यह जान सकेंगे कि अंतरिक्ष में पौधों की संरचना और प्रजनन क्षमता कैसे बदलती है। इस शोध का उपयोग भविष्य में चंद्रमा और मंगल जैसे मिशनों के लिए अंतरिक्ष में ही भोजन उत्पादन की तकनीक विकसित करने में किया जा सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • तियांगोंग चीन का मॉड्यूलर स्पेस स्टेशन है और यह कम पृथ्वी कक्षा में स्थित है।
  • सूक्ष्म गुरुत्व वह स्थिति है जिसमें कक्षा में वस्तुओं का प्रभावी भार बहुत कम हो जाता है।
  • जापोनिका धान, Oryza sativa प्रजाति के प्रमुख खेती वाले समूहों में से एक है।
  • रैटूनिंग में पहली कटाई के बाद बचे ठूंठ या जड़ों से नई फसल उगाई जाती है।

चीन ने 2022 में अंतरिक्ष में धान की एक पूर्ण जीवन-चक्र खेती का प्रयोग पूरा किया था, जिसमें 59 अंतरिक्ष-उगाए बीज पृथ्वी पर अध्ययन के लिए लौटाए गए थे। ताजा कटाई इस शोध को अगले चरण में ले जाती है और अंतरिक्ष में टिकाऊ खाद्य व्यवस्था की दिशा में एक और महत्वपूर्ण संकेत देती है।

Originally written on August 6, 2026 and last modified on August 6, 2026.

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