तमिलनाडु में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स’ की शुरुआत

तमिलनाडु में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स’ की शुरुआत

तमिलनाडु सरकार ने 9 जून 2026 को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स’ की शुरुआत की। इस विशेष पुलिस इकाई का शुभारंभ चेन्नई के एग्मोर स्थित राजारथिनम स्टेडियम में किया गया। यह एक पूर्णतः महिला पुलिस बल है, जो सीधे मुख्यमंत्री के पर्यवेक्षण में कार्य करेगा। इस नई पहल को राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और अपराध रोकथाम के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

गठन और प्रशासनिक संरचना

सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा 10 मई 2026 को पदभार ग्रहण करने के बाद जारी किए गए शुरुआती आदेशों में से एक थी। बल के प्रथम चरण में कुल 36 पद स्वीकृत किए गए हैं। इस विशेष इकाई की कमान पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) के. भवानीश्वरी के हाथों में सौंपी गई है। स्वीकृत पदों में एक पुलिस महानिरीक्षक, एक पुलिस अधीक्षक, दो उप-पुलिस अधीक्षक, चार निरीक्षक, आठ उप-निरीक्षक तथा अन्य रैंकों के 20 कर्मी शामिल हैं। यह संरचना राज्यभर में प्रभावी निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई है।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य तमिलनाडु में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करना है। यह इकाई संवेदनशील और असुरक्षित क्षेत्रों की पहचान करेगी, निगरानी बढ़ाएगी, नियमित गश्त करेगी तथा प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। इस बल की गतिविधियां विशेष रूप से उन सार्वजनिक स्थानों पर केंद्रित रहेंगी जहां महिलाओं और बच्चों की आवाजाही अधिक होती है। इनमें बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, शैक्षणिक संस्थान और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) केंद्र शामिल हैं। आधुनिक सुरक्षा रणनीतियों और सक्रिय पुलिसिंग के माध्यम से अपराधों की रोकथाम का प्रयास किया जाएगा।

विशेष तैनाती और नई पहचान

मई 2026 के अंतिम सप्ताह में 18 उप-निरीक्षकों को ऑन ड्यूटी आधार पर इस विशेष बल में तैनात किया गया था। इनमें से दो उप-निरीक्षक साइबर क्राइम विंग से लिए गए हैं, जिससे डिजिटल अपराधों और ऑनलाइन उत्पीड़न से संबंधित मामलों पर भी प्रभावी निगरानी रखी जा सके। सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स के लिए एक विशिष्ट वर्दी भी तैयार की गई है, जो इसे अन्य पुलिस इकाइयों से अलग पहचान प्रदान करती है। यह नई वर्दी बल की विशेष भूमिका और उद्देश्य को दर्शाती है।

भारत में पुलिस व्यवस्था का महत्व

भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार पुलिस राज्य सूची का विषय है। इसलिए प्रत्येक राज्य अपनी आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुसार पुलिस व्यवस्था में सुधार और विशेष इकाइयों का गठन कर सकता है। भारतीय पुलिस प्रणाली में पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, उप-पुलिस अधीक्षक, निरीक्षक और उप-निरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल होते हैं, जो कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स तमिलनाडु की एक पूर्णतः महिला पुलिस इकाई है।
  • इस बल का शुभारंभ 9 जून 2026 को चेन्नई के एग्मोर स्थित राजारथिनम स्टेडियम में किया गया।
  • पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) भारतीय पुलिस सेवा का एक वरिष्ठ पद है।
  • बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, शैक्षणिक संस्थान और आईटी हब इस बल के प्रमुख गश्ती क्षेत्र होंगे।
  • भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार पुलिस राज्य सूची का विषय है।

सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स का गठन तमिलनाडु सरकार की महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आधुनिक पुलिसिंग, विशेष प्रशिक्षण और महिला नेतृत्व के माध्यम से यह बल राज्य में सुरक्षित वातावरण बनाने और अपराधों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।

Originally written on June 9, 2026 and last modified on June 9, 2026.

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