तमिलनाडु की सुबह की थाली योजना को कामराजर नाम, दायरा भी बढ़ा
तमिलनाडु सरकार ने स्कूलों में बच्चों को नाश्ता उपलब्ध कराने वाली अपनी प्रमुख कल्याणकारी योजना का नाम बदलकर पेरुनथलाइवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम कर दिया है। यह फैसला 22 जुलाई 2026 को लिया गया और इसके साथ ही योजना के दायरे को भी बढ़ाने की तैयारी है। राज्य में यह पहल पहले से ही सरकारी प्राथमिक स्कूलों के बच्चों के लिए लागू थी, लेकिन अब इसका विस्तार और व्यापक होने जा रहा है।
योजना का नामकरण और उसका राजनीतिक-सामाजिक संदेश
यह योजना मूल रूप से 2022 में मुख्यमंत्री नाश्ता योजना के रूप में शुरू की गई थी। अब इसका नाम तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और शिक्षा सुधारों के लिए पहचाने जाने वाले के. कामराज के सम्मान में रखा गया है, जिन्हें पेरुनथलाइवर कामराजर भी कहा जाता है। सरकार ने इस बदलाव के जरिए योजना को एक ऐसे नेता से जोड़ा है, जिनका सार्वजनिक जीवन शिक्षा और सामाजिक कल्याण से गहराई से जुड़ा रहा।नाम बदलने का आदेश 15 जुलाई 2026 को जारी किया गया था, जो के. कामराज की जयंती भी है। इससे यह निर्णय केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण बन गया है।
किसे मिलेगा लाभ और कब से होगा विस्तार
अब यह योजना केवल कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों तक सीमित नहीं रहेगी। 17 सितंबर 2026 से इसका विस्तार कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए भी किया जाएगा। यह विस्तार सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों दोनों पर लागू होगा।सरकारी अनुमान के अनुसार, इस विस्तार से लगभग 15 लाख अतिरिक्त छात्र योजना से जुड़ेंगे। इसके बाद कुल लाभार्थियों की संख्या तमिलनाडु में 34 लाख से अधिक हो सकती है। यह राज्य की स्कूली पोषण नीति को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।
बजट, पृष्ठभूमि और परीक्षा के लिए जरूरी तथ्य
विस्तारित योजना पर सालाना खर्च लगभग 343.55 करोड़ रुपये आंका गया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने 217.63 करोड़ रुपये मंजूर भी कर दिए हैं। इससे साफ है कि तमिलनाडु इस कार्यक्रम को केवल प्रतीकात्मक योजना नहीं, बल्कि बड़े पैमाने की सामाजिक सहायता व्यवस्था के रूप में आगे बढ़ा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- के. कामराज तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री थे और शिक्षा क्षेत्र में अपने योगदान के लिए प्रसिद्ध हैं।
- पेरियार ई.वी. रामासामी तमिलनाडु के प्रमुख सामाजिक सुधारक थे और सेल्फ-रिस्पेक्ट मूवमेंट से जुड़े थे।
- तमिलनाडु की यह नाश्ता योजना पहली बार सितंबर 2022 में सरकारी प्राथमिक स्कूलों के लिए शुरू हुई थी।
- विस्तार के बाद यह योजना सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को भी कवर करेगी।
इस फैसले से तमिलनाडु की स्कूल पोषण नीति को नई पहचान मिली है और योजना का सामाजिक दायरा भी बढ़ा है। नामकरण और विस्तार, दोनों मिलकर इसे राज्य की सबसे चर्चित कल्याणकारी पहलों में शामिल करते हैं।