डॉ जोराम अनिया की नियुक्ति से पूर्वोत्तर को नई पहचान
2 मई 2026 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डॉ जोराम अनिया को नीति आयोग का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया। इस नियुक्ति के साथ ही वे अरुणाचल प्रदेश और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र से इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने वाली पहली व्यक्ति बन गईं। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान को दर्शाती है, बल्कि क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
नीति आयोग की संरचना और भूमिका
नीति आयोग, जिसका पूरा नाम नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया है, भारत सरकार का प्रमुख नीति निर्माण थिंक टैंक है। इसकी स्थापना वर्ष 2015 में योजना आयोग के स्थान पर की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश के समग्र विकास के लिए रणनीतियां तैयार करना और राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करना है। प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं और इसमें पूर्णकालिक सदस्य, अंशकालिक सदस्य तथा विशेषज्ञ शामिल होते हैं।
पूर्णकालिक सदस्य और संरचना में बदलाव
डॉ जोराम अनिया की नियुक्ति के साथ नीति आयोग में पूर्णकालिक सदस्यों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। इससे पहले डॉ आर. बालासुब्रमण्यम भी इस संरचना का हिस्सा बने थे। पूर्णकालिक सदस्य संस्था के मुख्य नीति निर्धारण और सलाहकार कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे देश की विकास योजनाओं को दिशा मिलती है।
डॉ जोराम अनिया का शैक्षणिक और पेशेवर प्रोफाइल
डॉ जोराम अनिया एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद, लेखिका और लोक-साहित्य विशेषज्ञ हैं। उनके पास 18 वर्षों से अधिक का शिक्षण, शोध और सार्वजनिक नीति से जुड़ा अनुभव है। वे न्यीशी समुदाय की पहली महिला हैं जिन्होंने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। साथ ही, वे अरुणाचल प्रदेश की पहली विद्वान हैं जिन्होंने हिंदी भाषा में डॉक्टरेट हासिल किया। यह उपलब्धि उन्हें शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में विशिष्ट पहचान दिलाती है।
पूर्व भूमिकाएं और राज्य का संदर्भ
नीति आयोग में शामिल होने से पहले, डॉ अनिया डेरा नातुंग गवर्नमेंट कॉलेज, ईटानगर में हिंदी विभाग की प्रमुख के रूप में कार्य कर चुकी हैं। इसके अलावा, वे अरुणाचल प्रदेश प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस रेगुलेटरी कमीशन की सदस्य भी रही हैं। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने 3 मई 2026 को उनकी नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त की। अरुणाचल प्रदेश भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण राज्य है, जो अपनी सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- नीति आयोग की स्थापना वर्ष 2015 में योजना आयोग के स्थान पर की गई थी।
- भारत के प्रधानमंत्री नीति आयोग के पदेन अध्यक्ष होते हैं।
- डॉ जोराम अनिया न्यीशी समुदाय की पहली महिला हैं जिन्होंने पीएचडी प्राप्त की।
- अरुणाचल प्रदेश भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र का एक सीमावर्ती राज्य है।
डॉ जोराम अनिया की यह नियुक्ति न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और उपलब्धियों का परिणाम है, बल्कि यह पूरे पूर्वोत्तर भारत के लिए गर्व का विषय भी है। इससे क्षेत्रीय संतुलन और समावेशी विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।