डिजिटल इंडिया की पहुंच बढ़ी, DigiLocker और UMANG ने बनाया नया रिकॉर्ड

डिजिटल इंडिया की पहुंच बढ़ी, DigiLocker और UMANG ने बनाया नया रिकॉर्ड

डिजिटल इंडिया के तहत विकसित दो प्रमुख सार्वजनिक डिजिटल मंच—DigiLocker और UMANG—अब देश में ऑनलाइन सेवा वितरण की मजबूत रीढ़ बन चुके हैं। 31 जुलाई 2026 तक DigiLocker पर 72.43 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता दर्ज किए गए, जबकि UMANG के उपयोगकर्ताओं की संख्या 11.66 करोड़ से अधिक पहुंच गई। यह बढ़त बताती है कि सरकारी सेवाओं और दस्तावेजों तक डिजिटल पहुंच तेजी से सामान्य हो रही है।

DigiLocker: दस्तावेजों का डिजिटल भंडार

DigiLocker एक क्लाउड-आधारित डिजिटल दस्तावेज़ वॉलेट है, जिसे डिजिटल इंडिया पहल के तहत शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी विभागों और एजेंसियों द्वारा जारी प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों की डिजिटल प्रतियां सुरक्षित रूप से रखने और जरूरत पड़ने पर साझा करने की सुविधा देना है।

31 जुलाई 2026 तक पिछले तीन वर्षों में DigiLocker पर लगभग 72.86 करोड़ दस्तावेज़ एक्सेस लेनदेन दर्ज किए गए। मंच पर 5,437 प्रकार के दस्तावेज़ और सेवाएं उपलब्ध थीं, जिनमें केंद्र सरकार की 661 और राज्य सरकारों की 4,776 सेवाएं शामिल थीं। इससे स्पष्ट है कि यह प्लेटफॉर्म केवल स्टोरेज टूल नहीं, बल्कि पेपरलेस गवर्नेंस का अहम माध्यम बन चुका है।

UMANG: एक ऐप, कई सरकारी सेवाएं

UMANG यानी Unified Mobile Application for New-age Governance, नागरिकों को एक ही मोबाइल इंटरफेस पर कई सरकारी सेवाओं तक पहुंच देता है। इसे केंद्र और राज्य सरकार के विभागों की सेवाओं को एक मंच पर लाने के लिए विकसित किया गया है।

31 जुलाई 2026 तक UMANG पर पिछले तीन वर्षों में करीब 798 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए। इस ऐप पर 2,575 सक्रिय सेवाएं उपलब्ध थीं, जिनमें 880 केंद्र सरकार और 1,695 राज्य सरकार की सेवाएं शामिल थीं। यह आंकड़ा बताता है कि नागरिक अब अलग-अलग पोर्टलों के बजाय एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं।

ग्रामीण पहुंच में CSC की भूमिका

डिजिटल सेवाओं की सफलता केवल ऐप और पोर्टल तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी अंतिम पहुंच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसी कड़ी में Common Service Centres (CSCs) ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सरकारी और उपयोगिता सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में काम कर रहे हैं। ये केंद्र डिजिटल बैंकिंग, पेंशन, बिल भुगतान और अन्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनाते हैं।

30 जून 2026 तक देशभर में ग्राम पंचायत स्तर पर 4,07,122 CSC कार्यरत थे। इनमें 70,069 ग्रामीण CSC महिला ग्राम स्तरीय उद्यमियों द्वारा संचालित किए जा रहे थे। यह ग्रामीण डिजिटल समावेशन और महिला भागीदारी, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण संकेत है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • DigiLocker डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत शुरू किया गया क्लाउड-आधारित दस्तावेज़ वॉलेट है।
  • UMANG का पूरा नाम Unified Mobile Application for New-age Governance है।
  • डिजिटल इंडिया की शुरुआत जुलाई 2015 में भारत सरकार की एक प्रमुख पहल के रूप में हुई थी।
  • Common Service Centres ग्रामीण भारत में अंतिम छोर तक डिजिटल सेवा पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

इन आंकड़ों से साफ है कि डिजिटल इंडिया अब केवल तकनीकी पहल नहीं, बल्कि नागरिक सेवाओं के वितरण का व्यापक ढांचा बन चुका है। DigiLocker, UMANG और CSC जैसे मंचों ने सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ, तेज और कागज-रहित बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

Originally written on August 13, 2026 and last modified on August 13, 2026.

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