जेम्स वेब टेलीस्कोप ने खोजे ‘लिटिल रेड डॉट्स’ रहस्यमय खगोलीय पिंड
नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने ब्रह्मांड के प्रारंभिक काल से जुड़े एक नए प्रकार के खगोलीय पिंडों की पहचान की है, जिन्हें “लिटिल रेड डॉट्स” (LRDs) कहा जा रहा है। दिसंबर 2021 में लॉन्च किए गए इस अत्याधुनिक टेलीस्कोप ने इन वस्तुओं को अत्यधिक दूरी और उच्च रेडशिफ्ट पर देखा है, जिससे वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के शुरुआती विकास को समझने में मदद मिल रही है।
लिटिल रेड डॉट्स क्या हैं
लिटिल रेड डॉट्स छोटे, अत्यधिक लाल रंग के और बिंदु जैसे दिखाई देने वाले खगोलीय पिंड हैं। इनकी प्रमुख विशेषता इनका लाल ऑप्टिकल प्रकाश और सघन संरचना है। इन्हें उच्च रेडशिफ्ट वाली आकाशगंगाओं से जोड़ा गया है, जिसका अर्थ है कि हम इन्हें उस समय के रूप में देख रहे हैं जब ब्रह्मांड बहुत युवा था। यह खोज प्रारंभिक ब्रह्मांड में आकाशगंगाओं और ब्लैक होल के निर्माण को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
इनके बारे में प्रमुख वैज्ञानिक सिद्धांत
वैज्ञानिक लिटिल रेड डॉट्स की प्रकृति को समझने के लिए तीन मुख्य मॉडल प्रस्तुत करते हैं। पहला मॉडल इन्हें सक्रिय गैलेक्टिक नाभिक (AGN) मानता है, जो महाविशाल ब्लैक होल द्वारा संचालित होते हैं। दूसरा मॉडल इन्हें सघन तारा निर्माण क्षेत्रों के रूप में देखता है। तीसरा मॉडल सुझाव देता है कि ये महाविशाल तारों के विकास के उस चरण को दर्शाते हैं, जो ब्लैक होल बनने से पहले होता है।
हालिया अवलोकन और ब्लैक होल की वृद्धि
नवंबर 2025 में JWST द्वारा किए गए एक महत्वपूर्ण अवलोकन में CANUCS-LRD-z8.6 नामक एक लिटिल रेड डॉट में सक्रिय रूप से बढ़ते हुए महाविशाल ब्लैक होल की पहचान की गई। यह वस्तु बिग बैंग के लगभग 57 करोड़ वर्ष बाद की अवस्था में देखी गई। इस ब्लैक होल का द्रव्यमान उसकी आकाशगंगा के तारकीय द्रव्यमान की तुलना में अधिक पाया गया, जिसे “ओवरमैसिव” कहा जाता है।
एक्स-रे डॉट और संक्रमणकालीन अवस्था
एक अन्य महत्वपूर्ण खोज 3DHST-AEGIS-12014 नामक एक्स-रे उत्सर्जित करने वाली वस्तु की है, जो पृथ्वी से लगभग 11.8 अरब प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वस्तु “ब्लैक होल स्टार” और सामान्य महाविशाल ब्लैक होल के बीच की संक्रमणकालीन अवस्था का प्रतिनिधित्व कर सकती है। इसके चारों ओर घने गैस बादल एक्स-रे संकेतों को छिपा सकते हैं, जिससे इसकी पहचान जटिल हो जाती है।
प्रारंभिक ब्रह्मांड को समझने में भूमिका
बिग बैंग लगभग 13.8 अरब वर्ष पहले हुआ था, और LRD जैसे पिंड उस समय के हैं जब ब्रह्मांड अपने शुरुआती चरण में था। इनका अध्ययन वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करता है कि पहले ब्लैक होल और आकाशगंगाएं कैसे बनीं और विकसित हुईं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप का प्रक्षेपण दिसंबर 2021 में किया गया था।
- उच्च रेडशिफ्ट वाली वस्तुएं ब्रह्मांड के प्रारंभिक समय की जानकारी देती हैं।
- महाविशाल ब्लैक होल अधिकांश आकाशगंगाओं के केंद्र में पाए जाते हैं।
- चंद्रा एक्स-रे वेधशाला 1999 में लॉन्च की गई थी और यह एक्स-रे खगोल विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण है।
लिटिल रेड डॉट्स की खोज ने खगोल विज्ञान में नए सवाल और संभावनाएं खोल दी हैं। यह खोज न केवल ब्रह्मांड के प्रारंभिक रहस्यों को उजागर करती है, बल्कि भविष्य में और गहन अध्ययन के लिए वैज्ञानिकों को प्रेरित भी करती है।