जयपुर बैठक में BRICS की औद्योगिक सहयोग पर नई सहमति

जयपुर बैठक में BRICS की औद्योगिक सहयोग पर नई सहमति

जयपुर में 6 अगस्त 2026 को हुई BRICS उद्योग मंत्रियों की 10वीं बैठक में सदस्य देशों ने औद्योगिक सहयोग पर संयुक्त घोषणा को अपनाया। यह घोषणा BRICS Partnership on New Industrial Revolution (PartNIR) के तहत की गई, जिसका उद्देश्य लचीले, नवाचार-आधारित और टिकाऊ औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाना है। बैठक में छोटे उद्योगों, सौर प्रौद्योगिकी, शहरों की लॉजिस्टिक्स योजना और स्टार्टअप सहयोग जैसे मुद्दों पर भी सहमति बनी।

PartNIR के जरिए औद्योगिक विकास पर फोकस

BRICS के लिए PartNIR एक ऐसा सहयोग ढांचा है, जो औद्योगिक विकास, डिजिटल तकनीकों, नवाचार और विनिर्माण को जोड़ता है। इस बैठक में अपनाई गई संयुक्त घोषणा का मकसद सदस्य देशों के बीच उद्योगों को अधिक प्रतिस्पर्धी, तकनीक-सक्षम और भविष्य के लिए तैयार बनाना है।

बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि वैश्विक औद्योगिक व्यवस्था में बदलाव के दौर में BRICS देशों को आपसी सहयोग बढ़ाकर नई उत्पादन क्षमताओं, तकनीकी साझेदारी और आपूर्ति-श्रृंखला की मजबूती पर काम करना चाहिए।

सौर उद्योग, MSME और शहरों की लॉजिस्टिक्स पर सहमति

बैठक में BRICS वर्किंग ग्रुप ऑन द फोटोवोल्टिक इंडस्ट्री के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस और एक्शन प्लान को मंजूरी दी गई। फोटोवोल्टिक तकनीक सूर्य के प्रकाश को सीधे बिजली में बदलती है, इसलिए यह स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक नवाचार दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है।

इसके साथ ही SME वर्किंग ग्रुप के लिए सहयोग ढांचा भी अंतिम रूप दिया गया, ताकि सदस्य देशों में MSME पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया जा सके। MSME क्षेत्र रोजगार, स्थानीय उत्पादन और उद्यमिता का बड़ा आधार है, इसलिए इस पर BRICS स्तर पर सहयोग को अहम माना जा रहा है।

बैठक में लचीली, GIS-आधारित परिवहन और शहर लॉजिस्टिक्स योजना को भी मंजूरी दी गई। GIS यानी Geographic Information System, जो मानचित्रण, स्थानिक विश्लेषण और परिवहन योजना में उपयोगी तकनीक है। इससे शहरी आपूर्ति व्यवस्था, माल ढुलाई और अवसंरचना योजना को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

स्टार्टअप और नवाचार के लिए भारत की पहल

भारत ने बैठक में BRICS Incubator Network और BRICS Startup Innovation Fund का प्रस्ताव रखा। इन पहलों का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच स्टार्टअप सहयोग, नवाचार-आधारित औद्योगिक विकास और नए उद्यमों को समर्थन देना है।

जयपुर में हुई इस बैठक में भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सत्र को संबोधित किया। वहीं राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने ब्राजील की 2025 की अध्यक्षता और भारत द्वारा उस सहयोग एजेंडे को आगे बढ़ाने का उल्लेख किया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • BRICS मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का समूह है, और 2024 में इसमें नए सदस्य जुड़े।
  • PartNIR का पूरा नाम BRICS Partnership on New Industrial Revolution है।
  • फोटोवोल्टिक तकनीक सौर कोशिकाओं की मदद से सूर्य के प्रकाश को सीधे बिजली में बदलती है।
  • MSME का अर्थ Micro, Small and Medium Enterprises है, जो औद्योगिक नीति में एक महत्वपूर्ण श्रेणी है।

BRICS की यह बैठक दिखाती है कि समूह अब केवल व्यापारिक संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग, तकनीक, ऊर्जा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में ठोस सहयोग ढांचे बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

Originally written on August 7, 2026 and last modified on August 7, 2026.

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