चीन में मिला नया चार-पंखों वाला ग्लाइडिंग डायनासोर ‘जियान चांगमाएन्सिस’

चीन में मिला नया चार-पंखों वाला ग्लाइडिंग डायनासोर ‘जियान चांगमाएन्सिस’

वैज्ञानिकों ने 4 जून 2026 को एक नए पंखदार ग्लाइडिंग डायनासोर “जियान चांगमाएन्सिस” की खोज की घोषणा की। इस महत्वपूर्ण खोज का विवरण “एनाल्स ऑफ कार्नेगी म्यूजियम” में प्रकाशित अध्ययन में प्रस्तुत किया गया। लगभग 12 करोड़ वर्ष पुराने इस जीवाश्म की खोज चीन के उत्तर-पश्चिमी गांसू प्रांत स्थित चांगमा बेसिन में हुई है। यह खोज डायनासोरों से पक्षियों के विकासक्रम और प्राचीन उड़ान क्षमताओं को समझने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

माइक्रोरैप्टर समूह का नया सदस्य

जियान चांगमाएन्सिस माइक्रोरैप्टोरिया नामक समूह से संबंधित है, जो छोटे आकार के मांसाहारी थेरोपोड डायनासोरों का समूह माना जाता है। यह समूह ड्रोमायोसॉरिड परिवार का हिस्सा है, जिसमें प्रसिद्ध शिकारी डायनासोर वेलोसिरैप्टर भी शामिल था। माइक्रोरैप्टर प्रारंभिक क्रिटेशियस काल में पाए जाते थे और इन्हें पक्षियों के निकट संबंधी माना जाता है। इन डायनासोरों के अध्ययन से वैज्ञानिक यह समझने का प्रयास करते हैं कि उड़ान की क्षमता धीरे-धीरे कैसे विकसित हुई।

चार पंखों वाली अनोखी संरचना

इस जीवाश्म की सबसे उल्लेखनीय विशेषता इसके अग्रभुजाओं और पिछले पैरों पर मौजूद लंबे पंख हैं। इन पंखों के कारण इसका शरीर चार पंखों वाला प्रतीत होता था। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह संरचना सक्रिय उड़ान के बजाय ग्लाइडिंग के लिए विकसित हुई थी। अर्थात यह जीव पक्षियों की तरह लगातार पंख फड़फड़ाकर नहीं उड़ता था, बल्कि ऊंचे स्थानों से फिसलते हुए हवा में लंबी दूरी तय कर सकता था। अनुमान के अनुसार इसके पंखों का फैलाव लगभग चार फुट था, जो आधुनिक खलिहान उल्लू (बार्न आउल) के आकार के समान माना जाता है।

चांगमा बेसिन का पुराजीव वैज्ञानिक महत्व

चांगमा बेसिन प्रारंभिक क्रिटेशियस काल के जीवाश्मों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां से अनेक कशेरुकी जीवों के अवशेष प्राप्त हुए हैं, जिनमें प्राचीन पक्षियों के जीवाश्म भी शामिल हैं। विशेष रूप से गांसुस यूमेनेन्सिस नामक प्रारंभिक पक्षी का जीवाश्म इसी क्षेत्र से प्राप्त हुआ था। इसके अतिरिक्त यहां टूटे हुए पक्षी अवशेषों के समूह भी मिले हैं, जिन्हें उस समय के शिकारी जीवों की गतिविधियों से जोड़ा गया है।

एशिया में माइक्रोरैप्टर के विस्तार का नया प्रमाण

अब तक अधिकांश माइक्रोरैप्टर जीवाश्म चीन के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों से ही प्राप्त हुए थे। जियान चांगमाएन्सिस पहला पुष्ट माइक्रोरैप्टर जीवाश्म है जो उत्तर-पूर्वी चीन के बाहर मिला है। इस खोज ने यह संकेत दिया है कि माइक्रोरैप्टर समूह का भौगोलिक विस्तार पहले की तुलना में कहीं अधिक व्यापक था। इससे वैज्ञानिकों को एशिया में डायनासोरों के वितरण और विकास के बारे में नई जानकारी प्राप्त हुई है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

” माइक्रोरैप्टर प्रारंभिक क्रिटेशियस काल के पंखदार थेरोपोड डायनासोर थे। ” चार-पंखों वाले डायनासोरों के अग्रभुजाओं और पिछले पैरों दोनों पर लंबे पंख पाए जाते थे। ” चांगमा बेसिन चीन के गांसू प्रांत में स्थित एक महत्वपूर्ण जीवाश्म क्षेत्र है। ” गांसुस यूमेनेन्सिस प्रारंभिक क्रिटेशियस काल का एक प्रसिद्ध पक्षी जीवाश्म है। जियान चांगमाएन्सिस की खोज डायनासोरों और पक्षियों के विकासक्रम को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह जीवाश्म न केवल प्राचीन ग्लाइडिंग क्षमताओं के प्रमाण प्रस्तुत करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि माइक्रोरैप्टर समूह का प्रसार एशिया में पहले अनुमान से अधिक व्यापक था। भविष्य के शोध इस रहस्यमय चार-पंखों वाले जीव के जीवन और व्यवहार के बारे में और अधिक जानकारी प्रदान कर सकते हैं।

Originally written on June 8, 2026 and last modified on June 8, 2026.

1 Comment

  1. samir

    June 10, 2026 at 11:58 pm

    I think someone from China is giving birth for this dinosaurs for future war

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