चीन ने 53 अफ्रीकी देशों को दी शून्य-टैरिफ सुविधा

चीन ने 53 अफ्रीकी देशों को दी शून्य-टैरिफ सुविधा

चीन ने अफ्रीका के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 1 मई 2026 से चीन उन सभी 53 अफ्रीकी देशों को शून्य-टैरिफ सुविधा देगा, जो बीजिंग के साथ राजनयिक संबंध बनाए हुए हैं। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य अफ्रीकी देशों के निर्यात को बढ़ावा देना, बाजार तक उनकी पहुंच आसान बनाना और चीन-अफ्रीका व्यापार साझेदारी को और गहरा करना है।

53 देशों को मिलेगा लाभ

चीन की नई शून्य-टैरिफ नीति 53 अफ्रीकी देशों पर लागू होगी। इनमें से 33 सबसे कम विकसित देशों (LDCs) को पहले ही 1 दिसंबर 2024 से यह सुविधा मिल चुकी थी। अब शेष 20 अफ्रीकी देशों, जो LDC श्रेणी में नहीं आते, को 1 मई 2026 से 30 अप्रैल 2028 तक वरीयता प्राप्त टैरिफ दरों के माध्यम से यह लाभ दिया जाएगा।

यह नीति अफ्रीकी देशों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे उनके कृषि, खनिज और अन्य उत्पादों की चीन के विशाल बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होगी।

टैरिफ कोटा उत्पादों के लिए विशेष नियम

कुछ उत्पाद ऐसे होते हैं जो टैरिफ कोटा व्यवस्था के अंतर्गत आते हैं। इन उत्पादों के लिए केवल कोटा के भीतर लागू होने वाली टैरिफ दर को शून्य किया जाएगा। यदि आयात निर्धारित कोटा से अधिक होता है, तो उस पर पहले की तरह सामान्य टैरिफ लागू रहेगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नियंत्रित आयात संतुलित बना रहे, जबकि व्यापारिक साझेदार देशों को पर्याप्त लाभ भी मिल सके।

चीन-अफ्रीका आर्थिक साझेदारी पर जोर

चीन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह ‘चीन-अफ्रीका आर्थिक साझेदारी साझा विकास’ समझौते पर वार्ता जारी रखेगा। साथ ही, अफ्रीकी कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए ग्रीन चैनल को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि व्यापारिक प्रक्रियाएं तेज और सरल हों।

इससे दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग को मजबूती मिलेगी और अफ्रीकी देशों को अधिक अवसर प्राप्त होंगे।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • चीन की शून्य-टैरिफ नीति 53 अफ्रीकी देशों पर लागू होगी।
  • 33 सबसे कम विकसित अफ्रीकी देशों को यह सुविधा दिसंबर 2024 से मिल चुकी है।
  • 2025 में चीन-अफ्रीका कुल व्यापार 348 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।
  • चीन ने 2025 में अफ्रीका को 225 अरब डॉलर का निर्यात किया।

चीन का यह कदम केवल व्यापारिक सुविधा नहीं, बल्कि वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का भी संकेत है। अफ्रीका के साथ गहरे आर्थिक संबंध बनाकर चीन अपनी वैश्विक प्रभाव क्षमता को और मजबूत कर रहा है। आने वाले वर्षों में यह नीति अंतरराष्ट्रीय व्यापार संतुलन और भू-राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकती है।

Originally written on April 29, 2026 and last modified on April 29, 2026.

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