संयुक्त राष्ट्र की यौन हिंसा ब्लैकलिस्ट में शामिल हुए इज़राइल और रूस
संयुक्त राष्ट्र ने 28-29 मई 2026 को जारी अपनी वार्षिक संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा रिपोर्ट में इज़राइल और रूस की सशस्त्र एवं सुरक्षा बलों को आधिकारिक ब्लैकलिस्ट में शामिल किया है। यह सूची उन सरकारी और गैर-सरकारी पक्षों की पहचान करती है जिन पर सशस्त्र संघर्षों के दौरान यौन हिंसा के गंभीर और व्यवस्थित आरोपों की विश्वसनीय पुष्टि हुई है। वर्ष 2025 की रिपोर्ट में लगभग एक दर्जन देशों के 77 सरकारी और गैर-सरकारी पक्षों को सूचीबद्ध किया गया है।
संयुक्त राष्ट्र की संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा ब्लैकलिस्ट क्या है?
संयुक्त राष्ट्र महासचिव द्वारा प्रतिवर्ष संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। इस रिपोर्ट में उन पक्षों को सूचीबद्ध किया जाता है जिन पर युद्ध या सशस्त्र संघर्ष के दौरान बलात्कार, यौन दासता, जबरन नग्नता, जननांगों पर हिंसा तथा अन्य प्रकार के यौन उत्पीड़न के आरोपों की विश्वसनीय पुष्टि होती है। इस सूची का उद्देश्य ऐसे अपराधों की निगरानी करना, जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा प्रभावित समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाना है।
पहली बार ब्लैकलिस्ट में शामिल हुआ इज़राइल
इज़राइल को इस समीक्षा प्रक्रिया के 15 वर्षों से अधिक के इतिहास में पहली बार ब्लैकलिस्ट में शामिल किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2023, 2024 और 2025 के दौरान इज़राइल तथा अधिकृत फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में फ़िलिस्तीनी बंदियों के विरुद्ध यौन हिंसा के कई मामलों का दस्तावेजीकरण किया गया। संयुक्त राष्ट्र द्वारा सत्यापित घटनाओं में वस्तुओं के माध्यम से बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, जननांगों पर शारीरिक हिंसा, जबरन नग्नता और अपमानजनक तलाशी प्रक्रियाएं शामिल थीं। रिपोर्ट के अनुसार इन घटनाओं से गाज़ा और पश्चिमी तट के 14 पुरुष, 7 महिलाएं, 9 लड़के और 1 लड़की प्रभावित हुए।
रूस के विरुद्ध दर्ज आरोप
रूस की सशस्त्र और सुरक्षा बलों को यूक्रेन युद्ध के दौरान युद्धबंदियों तथा हिरासत में रखे गए नागरिकों के खिलाफ यौन हिंसा के आरोपों के कारण ब्लैकलिस्ट में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में 310 सत्यापित मामलों का उल्लेख किया गया है, जिनमें अधिकांश पीड़ित पुरुष थे। यह तथ्य संघर्ष क्षेत्रों में पुरुषों के विरुद्ध यौन हिंसा की गंभीरता को भी उजागर करता है, जिस पर अक्सर अपेक्षाकृत कम चर्चा होती है।
संयुक्त राष्ट्र जांच और कूटनीतिक प्रतिक्रिया
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दस्तावेजीकरण और जांच के प्रयासों के दौरान इज़राइल और रूस दोनों के अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र जांचकर्ताओं को पर्याप्त पहुंच उपलब्ध नहीं कराई। इससे मामलों की स्वतंत्र जांच और सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हुई। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पिछले वर्ष की रिपोर्ट में ही दोनों देशों को चेतावनी दी थी कि यदि आरोपों की प्रकृति और प्रमाण गंभीर पाए गए तो उन्हें ब्लैकलिस्ट में शामिल किया जा सकता है। रिपोर्ट जारी होने के बाद इज़राइल ने आरोपों को अस्वीकार करते हुए घोषणा की कि वह 28 मई 2026 से संयुक्त राष्ट्र महासचिव के कार्यालय के साथ सहयोग समाप्त करेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा पर वार्षिक रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र महासचिव के अधिदेश के अंतर्गत प्रकाशित की जाती है।
- 7 अक्टूबर 2023 को इज़राइल पर हुए हमले के बाद हमास के उग्रवादियों को भी 2025 की ब्लैकलिस्ट में शामिल किया गया था।
- संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2024 में संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा के 4,600 से अधिक मामलों का सत्यापन किया।
- वर्ष 2024 में सत्यापित मामलों की संख्या 2023 की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक रही।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा इज़राइल और रूस को संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा की ब्लैकलिस्ट में शामिल किया जाना एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम है। यह निर्णय सशस्त्र संघर्षों के दौरान मानवाधिकार उल्लंघनों पर वैश्विक ध्यान केंद्रित करता है और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को रेखांकित करता है। आने वाले समय में इस रिपोर्ट के कूटनीतिक, कानूनी और राजनीतिक प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बने रह सकते हैं।