चीन ने लॉन्च किया शेनझोउ-23 मिशन
चीन ने 24 मई 2026 को अपने मानव अंतरिक्ष मिशन “शेनझोउ-23” को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह मिशन उत्तर-पश्चिम चीन के जिउक्वान लॉन्च सेंटर से लॉन्ग मार्च 2-एफ रॉकेट के जरिए भेजा गया। लॉन्च के लगभग 3.5 घंटे बाद 25 मई 2026 को यह यान चीन के तियांगोंग स्पेस स्टेशन से सफलतापूर्वक जुड़ गया।
मिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्री
शेनझोउ-23 मिशन में तीन सदस्यीय दल शामिल है। इसमें अंतरिक्ष इंजीनियर झू यांगझू, पूर्व वायुसेना पायलट झांग झीयुआन और लाई का-यिंग शामिल हैं। लाई का-यिंग इस मिशन के साथ अंतरिक्ष में जाने वाले हांगकांग के पहले अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं। यह मिशन तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर वैज्ञानिक अनुसंधान और स्टेशन संचालन से जुड़े कार्यों के लिए भेजा गया है।
तियांगोंग स्पेस स्टेशन की भूमिका
तियांगोंग चीन का मॉड्यूलर स्पेस स्टेशन है, जिसे दीर्घकालिक मानव अंतरिक्ष अभियानों के लिए विकसित किया गया है। शेनझोउ-23 मिशन के तहत एक अंतरिक्ष यात्री को एक वर्ष तक स्टेशन पर रहने की योजना है, ताकि मानव शरीर पर लंबे समय तक microgravity के प्रभावों का अध्ययन किया जा सके। मिशन में life sciences, materials science, fluid physics और चिकित्सा विज्ञान से जुड़े कई प्रयोग शामिल हैं।
चीन का चंद्र मिशन कार्यक्रम
चीन ने वर्ष 2030 तक मानव को चंद्रमा पर उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए “मेंगझोउ” नामक नए अंतरिक्ष यान पर काम किया जा रहा है। इसका पहला orbital test flight वर्ष 2026 में प्रस्तावित है। मेंगझोउ को भविष्य के चंद्र अभियानों में वर्तमान शेनझोउ अंतरिक्ष यान की जगह उपयोग करने की योजना है। इसके अलावा चीन 2035 तक International Lunar Research Station का पहला चरण पूरा करना चाहता है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में कदम
चीन ने वर्ष 2026 के अंत तक पाकिस्तान के पहले अंतरिक्ष यात्री को तियांगोंग स्पेस स्टेशन भेजने की योजना भी बनाई है। इससे अंतरिक्ष अनुसंधान में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- शेनझोउ चीन की मानव अंतरिक्ष उड़ान श्रृंखला का नाम है।
- लॉन्ग मार्च 2-एफ चीन का मानव मिशनों के लिए उपयोग होने वाला प्रक्षेपण यान है।
- तियांगोंग चीन का अंतरिक्ष स्टेशन है, जहां लंबे समय तक अंतरिक्ष यात्रियों को रखा जा सकता है।
- नासा का Artemis Programme अमेरिका का प्रमुख चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम है।
शेनझोउ-23 मिशन चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम की बढ़ती क्षमता और उसकी दीर्घकालिक अंतरिक्ष योजनाओं को दर्शाता है। चंद्र मिशन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए चीन वैश्विक अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है।