अनाहत सिंह ने रचा इतिहास, भारत को मिला पहला जूनियर वर्ल्ड स्क्वैश खिताब

अनाहत सिंह ने रचा इतिहास, भारत को मिला पहला जूनियर वर्ल्ड स्क्वैश खिताब

भारतीय स्क्वैश के लिए 25 जुलाई 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 में महिला एकल खिताब जीत लिया। कनाडा के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में खेले गए फाइनल में शीर्ष वरीय अनाहत ने मिस्र की दूसरी वरीय रुकय्या सालेम को सीधे गेमों में हराकर न सिर्फ स्वर्ण पदक जीता, बल्कि भारत को इस प्रतियोगिता में पहली बार किसी भी श्रेणी में विश्व खिताब दिलाया।

फाइनल में दमदार प्रदर्शन

अनाहत ने फाइनल में शुरुआत से ही नियंत्रण बनाए रखा और मुकाबला 3-0 से अपने नाम किया। उन्होंने रुकय्या सालेम को 11-3, 11-7 और 11-9 से हराया। पूरे टूर्नामेंट में अनाहत का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा, क्योंकि उन्होंने छह मैचों में केवल दो गेम गंवाए। यह उनकी निरंतरता, फिटनेस और मानसिक मजबूती का संकेत है।

भारत के जूनियर स्क्वैश इतिहास में नया अध्याय

इस जीत के साथ अनाहत सिंह ने भारतीय जूनियर स्क्वैश के लंबे इंतजार को खत्म कर दिया। इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2005 में जोशना चिनप्पा के उपविजेता रहने तक सीमित था। अनाहत की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली गैर-मिस्री महिला खिलाड़ी भी बनीं, जिन्होंने 2010 में अमांडा सोबी के बाद यह कारनामा किया।

टूर्नामेंट और खिलाड़ी की अहमियत

वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जूनियर खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता मानी जाती है। इसमें पुरुष और महिला वर्ग के व्यक्तिगत मुकाबले होते हैं और यह आयु-समूह स्तर पर वैश्विक स्क्वैश ढांचे का प्रमुख आयोजन है। महिला एकल मुकाबले आम तौर पर बेस्ट-ऑफ-फाइव गेम्स प्रारूप में खेले जाते हैं।अनाहत सिंह पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता दिखा चुकी हैं। पिछले संस्करण में उन्होंने काहिरा में कांस्य पदक जीता था। वरिष्ठ पीएसए टूर में उनकी विश्व रैंकिंग भी 20 के आसपास है, जो बताती है कि वह जूनियर और सीनियर, दोनों स्तरों पर तेजी से उभरती खिलाड़ी हैं। मिस्र लंबे समय से जूनियर महिला स्क्वैश में प्रभावी रहा है, ऐसे में अनाहत की जीत का महत्व और बढ़ जाता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जूनियर खिलाड़ियों की सबसे प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता मानी जाती है।
  • स्क्वैश में महिला एकल मुकाबले आम तौर पर बेस्ट-ऑफ-फाइव गेम्स प्रारूप में खेले जाते हैं।
  • अनाहत सिंह भारत की पहली खिलाड़ी बनीं जिन्होंने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का कोई भी खिताब जीता।
  • जोशना चिनप्पा 2005 में इस स्तर पर भारत की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता रही थीं, जब वे उपविजेता बनी थीं।

अनाहत सिंह की यह जीत भारतीय स्क्वैश के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में भारत की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को और मजबूत कर सकती है।

Originally written on July 27, 2026 and last modified on July 27, 2026.

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