चीन की रीयूजेबल रॉकेट दौड़ में लैंडस्पेस की बड़ी छलांग
बीजिंग स्थित निजी स्पेस स्टार्टअप लैंडस्पेस ने 19 अगस्त 2026 को अपने 66 मीटर लंबे झूक्वे-3 Y2 रॉकेट की सफल उड़ान के साथ एक अहम उपलब्धि दर्ज की। इस मिशन में न केवल हांगहू-3 वाणिज्यिक इंटरनेट उपग्रह को तय कक्षा में स्थापित किया गया, बल्कि रॉकेट के पहले चरण के बूस्टर को ऊर्ध्वाधर तरीके से सुरक्षित भी उतारा गया। यह चीन के लिए ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट बूस्टर की पहली भूमि-आधारित रिकवरी रही।
झूक्वे-3 क्यों खास है
झूक्वे-3 एक स्टेनलेस-स्टील लॉन्च व्हीकल है, जिसे तरल ऑक्सीजन और मीथेन से चलने के लिए तैयार किया गया है। इसकी डिजाइन क्षमता कम पृथ्वी कक्षा तक लगभग 14.2 मीट्रिक टन भार ले जाने की है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे बार-बार इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है और कंपनी के अनुसार यह 20 बार तक पुन: उपयोग किया जा सकता है।
रीयूजेबल रॉकेट तकनीक अंतरिक्ष प्रक्षेपण की लागत घटाने और लॉन्च की आवृत्ति बढ़ाने में मदद करती है। इसी वजह से अमेरिका और चीन सहित कई देश इस दिशा में तेजी से निवेश कर रहे हैं।
मिशन के दौरान क्या हुआ
रॉकेट ने बीजिंग समयानुसार सुबह 7:35 बजे उत्तर-पश्चिम चीन के डोंगफेंग कमर्शियल स्पेस इनोवेशन पायलट ज़ोन से उड़ान भरी। उड़ान के बाद पहले चरण का बूस्टर लगभग 390 किलोमीटर दूर गांसू प्रांत के मिनछिन काउंटी में लैंडिंग लेग्स की मदद से सीधा नीचे उतरा।
यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि झूक्वे-3 की पहली परीक्षण उड़ान दिसंबर 2025 में हुई थी, लेकिन तब अंतिम अवतरण चरण में बूस्टर विफल हो गया था। इस बार की सफलता ने लैंडस्पेस की तकनीकी प्रगति को स्पष्ट रूप से दिखाया है।
चीन की रीयूजेबल स्पेस रेस में नया चरण
19 अगस्त 2026 की यह लैंडिंग चीन की दूसरी ऑर्बिटल बूस्टर रिकवरी थी। इससे पहले 10 जुलाई 2026 को राज्य-स्वामित्व वाली चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन ने लॉन्ग मार्च 10B बूस्टर को समुद्री नेट-कैप्चर सिस्टम की मदद से वापस हासिल किया था।
लैंडस्पेस अब उन चुनिंदा वैश्विक कंपनियों में शामिल हो गई है जिन्होंने ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट बूस्टर को सफलतापूर्वक रिकवर किया है। इससे चीन की निजी अंतरिक्ष कंपनियों की प्रतिस्पर्धा और तकनीकी क्षमता दोनों का संकेत मिलता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट बूस्टर की रिकवरी करने वाली दुनिया की चौथी इकाई लैंडस्पेस बनी।
- लैंडस्पेस से पहले यह उपलब्धि निजी क्षेत्र में स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन ने हासिल की थी।
- झूक्वे-3 में तरल ऑक्सीजन और मीथेन ईंधन का उपयोग किया गया है।
- डोंगफेंग कमर्शियल स्पेस इनोवेशन पायलट ज़ोन उत्तर-पश्चिम चीन में स्थित है।
आईपीओ और भविष्य की योजना
लैंडस्पेस अब शंघाई स्टॉक एक्सचेंज के STAR Market पर प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम के जरिए 7.5 अरब युआन जुटाने की तैयारी में है। कंपनी ने 2029 तक लाभप्रदता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
झूक्वे-3 की यह सफलता केवल एक तकनीकी परीक्षण नहीं, बल्कि चीन के वाणिज्यिक अंतरिक्ष उद्योग के लिए भरोसे और निवेश दोनों का संकेत है। रीयूजेबल रॉकेट तकनीक के साथ लैंडस्पेस अब वैश्विक स्पेस मार्केट में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है।