चंडीगढ़ और दादरा-नगर हवेली में डिजिटल रुपया से खाद्य सब्सिडी का नया मॉडल
भारत 14 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत खाद्य सब्सिडी के लिए केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली शुरू करने जा रहा है। इस व्यवस्था के साथ चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली ऐसे पहले केंद्र शासित प्रदेश बनेंगे, जहां खाद्य सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के सीबीडीसी वॉलेट में प्रोग्रामेबल डिजिटल रुपया टोकन के रूप में पहुंचेगी।
डिजिटल रुपया आधारित सब्सिडी व्यवस्था क्या है
केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा यानी CBDC, केंद्रीय बैंक द्वारा जारी की जाने वाली डिजिटल संप्रभु मुद्रा होती है। भारत में इसका खुदरा स्वरूप डिजिटल रुपया है, जिसे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जारी करता है और e₹ के प्रतीक से पहचाना जाता है। यह सामान्य बैंक जमा से अलग है, क्योंकि इसकी देनदारी वाणिज्यिक बैंक पर नहीं, बल्कि सीधे केंद्रीय बैंक पर होती है।
इस नई प्रणाली में सब्सिडी राशि पारंपरिक बैंक ट्रांसफर चैनलों से होकर नहीं जाएगी, बल्कि सीधे डिजिटल रुपया वॉलेट में पहुंचेगी। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और ट्रैक करने योग्य बनती है।
पीएमजीकेएवाई से जुड़ी नई तकनीकी व्यवस्था
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना देश की प्रमुख खाद्य सुरक्षा योजनाओं में से एक है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को रियायती दर पर गेहूं और चावल जैसे खाद्यान्न उपलब्ध कराए जाते हैं। नई व्यवस्था में यह सब्सिडी सीबीडीसी वॉलेट के जरिए दी जाएगी, जिससे लाभार्थी निर्धारित खाद्यान्न खरीद सकेंगे।
प्रोग्रामेबल डिजिटल रुपया टोकन की खासियत यह है कि इन्हें केवल तय उपयोग के लिए सीमित किया जा सकता है। इस मामले में टोकन को इस तरह तैयार किया गया है कि उनका उपयोग केवल एम्पैनल्ड व्यापारियों से QR कोड स्कैन के माध्यम से निर्धारित खाद्यान्न खरीदने में हो सके। इससे नकद प्रबंधन की जरूरत घटती है और सब्सिडी के प्रवाह का एंड-टू-एंड डिजिटल रिकॉर्ड बनता है।
पायलट से पूर्ण संचालन तक का सफर
सीबीडीसी से जुड़े पायलट प्रयोग इससे पहले गुजरात, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में किए जा चुके हैं। अब चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में इसे पूर्ण स्तर पर लागू करने की तैयारी है। यह कदम डिजिटल भुगतान ढांचे को सरकारी कल्याण योजनाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयोग माना जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- डिजिटल रुपया भारत की केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा है, जिसे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जारी करता है।
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी DBT के जरिए सब्सिडी और कल्याणकारी भुगतान सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाए जाते हैं।
- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना पात्र लाभार्थियों को खाद्यान्न सहायता देने से जुड़ी है।
- प्रोग्रामेबल CBDC टोकन को तय वस्तुओं या तय व्यापारियों तक सीमित किया जा सकता है।
यह पहल सरकारी सब्सिडी वितरण में डिजिटल ट्रैकिंग, पारदर्शिता और लक्षित लाभ पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम है। आने वाले समय में ऐसी प्रणालियां कल्याणकारी योजनाओं के संचालन का नया मानक तय कर सकती हैं।