ग्रेट बैरियर रीफ में कोरल कवर की वापसी, समुद्री तंत्र को मिली राहत
ऑस्ट्रेलिया के ग्रेट बैरियर रीफ से जुड़ी ताजा रिपोर्ट ने समुद्री संरक्षण के लिहाज से राहत की खबर दी है। ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ मरीन साइंस (AIMS) की 2025/26 दीर्घकालिक निगरानी रिपोर्ट के अनुसार, गंभीर ब्लीचिंग के बाद रीफ के कुछ हिस्सों में हार्ड कोरल कवर फिर बढ़ा है। यह संकेत देता है कि कुछ क्षेत्रों में समुद्री परिस्थितियां अपेक्षाकृत अनुकूल रहीं, हालांकि पूरे तंत्र पर जलवायु दबाव अब भी बना हुआ है।
किस क्षेत्र में कितना सुधार
रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरी क्षेत्र में हार्ड कोरल कवर जून 2026 तक बढ़कर 35.1% हो गया, जबकि 2025 में यह रिकॉर्ड निचले स्तर 30% तक गिर गया था। मध्य क्षेत्र में भी सुधार दर्ज हुआ और यह 28.6% से बढ़कर 31.6% पहुंच गया। इसके विपरीत दक्षिणी क्षेत्र में हल्की गिरावट आई और कोरल कवर 26.9% से घटकर 26.4% रह गया।
हार्ड कोरल कवर रीफ की सतह पर जीवित कठोर प्रवालों के हिस्से को मापने का मानक पैमाना है। इसी आधार पर वैज्ञानिक रीफ की सेहत, पुनरुद्धार और क्षति का आकलन करते हैं।
निगरानी रिपोर्ट क्या बताती है
AIMS का लॉन्ग-टर्म मॉनिटरिंग प्रोग्राम ग्रेट बैरियर रीफ की स्थिति पर लगातार नजर रखने वाला प्रमुख सर्वे कार्यक्रम है। 2025/26 के सर्वे में 121 रीफ शामिल की गईं। इनमें 56% रीफ पर कोरल कवर लगभग अपरिवर्तित रहा, 28% पर बढ़ोतरी दर्ज हुई और 16% पर गिरावट आई।
यह कार्यक्रम उत्तरी, मध्य और दक्षिणी—तीनों क्षेत्रों में बार-बार फील्ड सर्वे के जरिए कोरल मृत्यु, कवर और समग्र रीफ स्वास्थ्य का तुलनात्मक अध्ययन करता है। इसी वजह से यह समुद्री पारिस्थितिकी पर दीर्घकालिक बदलाव समझने का अहम स्रोत माना जाता है।
ब्लीचिंग, मौसम और अन्य दबाव
AIMS के विशेषज्ञ डॉ. माइक एम्सली के अनुसार, 2026 की शुरुआती गर्मियों के अंत में आए मानसून ने बादल और अपेक्षाकृत ठंडा समुद्री तापमान दिया। ठंडा पानी कोरल पर गर्मी का तनाव कम कर सकता है, इसलिए कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा।
फिर भी वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जलवायु-जनित व्यवधान, चक्रवात और क्राउन-ऑफ-थॉर्न्स स्टारफिश के पांचवें प्रकोप जैसी चुनौतियां रीफ पर दबाव बनाए हुए हैं। यह समुद्री तारा प्रजाति कोरल को खाकर तेजी से जीवित कोरल कवर घटा सकती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ग्रेट बैरियर रीफ दुनिया की सबसे बड़ी कोरल रीफ प्रणाली है और यह ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास कोरल सागर में स्थित है।
- यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है और क्वींसलैंड, ऑस्ट्रेलिया के तट से सटा हुआ है।
- कोरल ब्लीचिंग तब होती है जब गर्मी के तनाव में कोरल अपने सहजीवी शैवाल zooxanthellae को बाहर निकाल देते हैं।
- ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ मरीन साइंस समुद्री पारिस्थितिकी पर शोध करने वाली एक वैधानिक शोध संस्था है।
जुलाई 2026 में यूनेस्को विश्व धरोहर समिति ने ग्रेट बैरियर रीफ को ‘वर्ल्ड हेरिटेज इन डेंजर’ सूची में डालने का फैसला नहीं किया था। ताजा निगरानी रिपोर्ट के साथ यह स्पष्ट है कि रीफ में कुछ पुनरुद्धार दिख रहा है, लेकिन इसकी दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए जलवायु और जैविक खतरों पर लगातार नियंत्रण जरूरी रहेगा।