ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण की नई पहल: DAANVEER से पंचायतों को मिलेगा तकनीकी सहारा

ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण की नई पहल: DAANVEER से पंचायतों को मिलेगा तकनीकी सहारा

पंचायती राज मंत्रालय ने 29 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में DAANVEER पहल शुरू की, जिसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों की डिजिटल बुनियादी जरूरतों को मजबूत करना है। यह एक नागरिक सहभागिता आधारित मंच है, जिसके जरिए लोग और संस्थाएं मानकीकृत, गुणवत्ता-प्रमाणित कंप्यूटर बंडल पात्र ग्राम पंचायतों को दान कर सकेंगे।

ग्राम पंचायतों के डिजिटलीकरण की दिशा में कदम

DAANVEER को ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। देश में लगभग 2.5 लाख ग्राम पंचायतें हैं, जो पंचायती राज व्यवस्था की सबसे निचली और सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। ऐसे में यह पहल ग्रामीण स्थानीय शासन को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक व्यावहारिक प्रयास मानी जा रही है।मंत्रालय के अनुसार, यह मंच केवल दान लेने का साधन नहीं है, बल्कि एक एंड-टू-एंड डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसमें योगदान की प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरी होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि दान की गई सामग्री वास्तव में जरूरतमंद और पात्र ग्राम पंचायतों तक पहुंचे।

मeri Panchayat ऐप और DigiHaat से जुड़ा ढांचा

इस पहल को Meri Panchayat मोबाइल ऐप और DigiHaat मार्केटप्लेस के साथ जोड़ा गया है। दानदाता पहले से स्वीकृत कंप्यूटर बंडलों में से चयन कर सकेंगे, जिन्हें राज्य-विशिष्ट तकनीकी मानकों के अनुसार मैप किया गया है। इससे अलग-अलग राज्यों की जरूरतों के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराना आसान होगा।प्लेटफॉर्म की खासियत यह है कि यह अनियमित या असंगठित दान के बजाय एक साझेदारी मॉडल पर काम करता है। यानी व्यक्ति या संगठन सीधे सत्यापित डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराएंगे, जिससे गुणवत्ता और उपयोगिता दोनों बनी रहेंगी।

संस्थागत सहयोग और डिजिटल इंडिया से जुड़ाव

DAANVEER को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) और DigiHaat के सहयोग से विकसित किया गया है। मंच का उद्घाटन पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने किया। मंत्रालय ने इस पहल को डिजिटल इंडिया और विकसित भारत की व्यापक दृष्टि से जोड़ा है।यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्रामीण शासन में डिजिटल साधनों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। पंचायतों में कंप्यूटर, इंटरनेट-सक्षम व्यवस्था और डिजिटल रिकॉर्डिंग की सुविधा होने से प्रशासनिक कामकाज, सेवा वितरण और सूचना प्रबंधन अधिक प्रभावी हो सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ग्राम पंचायतें पंचायती राज व्यवस्था की सबसे निचली इकाई होती हैं।
  • पंचायती राज व्यवस्था का संवैधानिक आधार भारत के संविधान के भाग 9 में है।
  • राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन एक सरकारी संगठन है।
  • डिजिटल इंडिया कार्यक्रम 2015 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य डिजिटल सेवाओं और डिजिटल ढांचे को बढ़ावा देना है।

DAANVEER जैसी पहलें ग्रामीण शासन को तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। यदि यह मॉडल प्रभावी रहा, तो पंचायत स्तर पर डिजिटल असमानता कम करने में मदद मिल सकती है।

Originally written on July 30, 2026 and last modified on July 30, 2026.

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