असम में बाढ़ राहत के लिए सैनिक कल्याण निदेशालय की पहल
असम के सैनिक कल्याण निदेशालय ने 29 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री राहत कोष में 25 लाख रुपये का योगदान दिया। यह राशि ऊपरी असम में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए दी गई, ताकि आपदा के बाद त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्यमंत्री राहत कोष क्यों अहम है
मुख्यमंत्री राहत कोष राज्य स्तर पर आपातकालीन सहायता का एक महत्वपूर्ण माध्यम होता है। इसका उपयोग बाढ़, चक्रवात, भूस्खलन, आगजनी और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय तत्काल राहत, मानवीय सहायता और पुनर्वास कार्यों में किया जाता है। असम जैसे राज्य में, जहां हर वर्ष कई नदी-आधारित जिलों में जलभराव और विस्थापन की स्थिति बनती है, यह कोष राहत व्यवस्था का अहम हिस्सा बन जाता है।
सैनिक कल्याण निदेशालय की भूमिका
सैनिक कल्याण निदेशालय पूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं और उनके आश्रितों के कल्याण से जुड़ा संस्थान है। राज्यों में ऐसे संगठन पेंशन, पुनर्वास सहायता, प्रशासनिक समन्वय और कल्याणकारी सेवाओं के लिए काम करते हैं। इस योगदान के जरिए यह संदेश भी गया कि पूर्व सैनिक समुदाय केवल अपने हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में समाज के साथ खड़ा रहता है।
बाढ़ राहत में पूर्व सैनिकों की भागीदारी
यह चेक ब्रिगेडियर पोलाश चौधरी, एसएम (सेवानिवृत्त) के नेतृत्व में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को सौंपा गया। उनके साथ एयर मार्शल अंजन कुमार गोगोई, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) और लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) भी मौजूद रहे। 30 जुलाई 2026 को ब्रिगेडियर चौधरी ने बताया कि असम के कई पूर्व सैनिक भी नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मुख्यमंत्री राहत कोष का उपयोग आपदा के समय तत्काल राहत और पुनर्वास के लिए किया जाता है।
- असम में हर वर्ष बाढ़ से खासकर ब्रह्मपुत्र घाटी के कई जिले प्रभावित होते हैं।
- ऊपरी असम बाढ़ और तटबंध टूटने जैसी स्थितियों के कारण संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।
- पूर्व सैनिक संगठन राज्यों में कल्याण, समन्वय और आपदा सहायता से जुड़े कार्यों में भी योगदान देते हैं।
असम में बाढ़ राहत के लिए यह योगदान प्रशासन और पूर्व सैनिक समुदाय के बीच सहयोग का उदाहरण है। आपदा प्रबंधन में ऐसे प्रयास प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।