गोवा में शुरू हुई ब्रिक्स की समुद्री और ध्रुवीय विज्ञान बैठक
गोवा में 12 अगस्त 2026 से ब्रिक्स वर्किंग ग्रुप ऑन ओशन एंड पोलर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (OPST) की 8वीं बैठक शुरू हुई। यह बैठक 14 अगस्त 2026 तक चलेगी और भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित की जा रही है। इसका आयोजन पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र (NCPOR) कर रहा है।
ब्रिक्स के वैज्ञानिक सहयोग का अहम मंच
ब्रिक्स समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। समुद्री और ध्रुवीय विज्ञान पर सहयोग के लिए OPST वर्किंग ग्रुप की स्थापना 2018 में की गई थी। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच समुद्री अनुसंधान, ध्रुवीय अध्ययन और तकनीकी सहयोग को एक साझा ढांचे में आगे बढ़ाना है।
गोवा बैठक में द्विपक्षीय समझौतों से आगे बढ़कर अधिक समन्वित बहुपक्षीय शोध कार्यक्रमों पर जोर दिया जा रहा है। इसमें संयुक्त अनुसंधान, क्षमता निर्माण, वैज्ञानिक आदान-प्रदान और ध्रुवीय अनुसंधान अवसंरचना के साझा उपयोग जैसे विषय शामिल हैं।
भारत की भूमिका और NCPOR की जिम्मेदारी
राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र भारत का नोडल संस्थान है, जो ध्रुवीय और महासागरीय अनुसंधान से जुड़ी राष्ट्रीय गतिविधियों का समन्वय करता है। 2026 की बैठक में NCPOR के निदेशक डॉ. थंबन मेलोथ ने वर्किंग ग्रुप चेयर के रूप में अध्यक्षता की और प्रतिनिधियों का स्वागत किया।
बैठक का महत्व इस बात में भी है कि भारत समुद्री विज्ञान, ध्रुवीय अनुसंधान और ब्लू इकोनॉमी से जुड़े अपने वैज्ञानिक नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करना चाहता है। इसी क्रम में बैठक के दौरान भारत की ब्लू इकोनॉमी पहलों पर एक विशेष व्याख्यान भी रखा गया, जिसे डॉ. एम. राजीवन ने प्रस्तुत किया।
चर्चा में कौन-कौन से देश और विषय
गोवा बैठक में ब्रिक्स देशों के साथ-साथ कुछ अन्य देशों के प्रतिनिधियों की भी भागीदारी दर्ज की गई। आधिकारिक संदर्भों में ब्राजील, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया, रूस, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात और भारत के प्रतिनिधियों का उल्लेख किया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि समुद्री और ध्रुवीय अनुसंधान अब व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहयोग का विषय बनता जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ब्रिक्स का विस्तार मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नामों से बना है।
- ब्रिक्स OPST वर्किंग ग्रुप की स्थापना 2018 में की गई थी।
- भारत ने 2020 में तीसरी ब्रिक्स OPST बैठक की मेजबानी की थी।
- NCPOR पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन भारत का प्रमुख ध्रुवीय और महासागर अनुसंधान संस्थान है।
गोवा में हो रही यह बैठक समुद्री विज्ञान, ध्रुवीय शोध और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के बीच साझेदारी को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।