गुरुग्राम में आयोजित हुई 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक, स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण पर बने साझा सिद्धांत
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत 25 जून 2026 को हरियाणा के गुरुग्राम में 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्रियों ने 11वें ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों के संयुक्त विज्ञप्ति (Joint Communiqué) और स्मार्ट ग्रिड एवं ऊर्जा भंडारण पर ब्रिक्स मार्गदर्शक सिद्धांत (BRICS Guiding Principles on Smart Grids and Energy Storage) को अपनाया। बैठक का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी नवाचार और सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना था।
ब्रिक्स ऊर्जा सहयोग का ढांचा
ब्रिक्स (BRICS) विश्व की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं—ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका—का समूह है। यह मंच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देता है, जिनमें ऊर्जा एक प्रमुख क्षेत्र है। ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए ब्रिक्स एनर्जी रिसर्च कोऑपरेशन प्लेटफॉर्म (ERCP) कार्य करता है। यह मंच सदस्य देशों के बीच ऊर्जा अनुसंधान, नीति निर्माण, तकनीकी सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करता है।
स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण का महत्व
बैठक में स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों को भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। स्मार्ट ग्रिड ऐसी आधुनिक विद्युत प्रणाली है, जो डिजिटल संचार, स्वचालन और डेटा विश्लेषण की सहायता से बिजली की मांग और आपूर्ति का प्रभावी प्रबंधन करती है। वहीं ऊर्जा भंडारण प्रणाली में बैटरियां, पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज और अन्य आधुनिक तकनीकें शामिल हैं, जो अतिरिक्त बिजली को संग्रहित कर आवश्यकता के समय उपयोग करने में सक्षम बनाती हैं। इससे बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय और स्थिर बनती है।
ऊर्जा सुरक्षा और भारत की भूमिका
बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा तक समान पहुंच तथा तकनीकी नवाचार को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया गया। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा, जैव ईंधन, हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और जीवाश्म ईंधनों में स्वच्छ तकनीकों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। भारत वर्तमान में विश्व का तीसरा सबसे बड़ा बिजली उत्पादक और उपभोक्ता है। देश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता का आधे से अधिक हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों, जैसे नवीकरणीय ऊर्जा, बड़े जलविद्युत संयंत्रों और परमाणु ऊर्जा से प्राप्त होता है। यह भारत की स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण की दिशा में बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक ब्रिक्स देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग की महत्वपूर्ण संस्थागत व्यवस्था का हिस्सा है।
- स्मार्ट ग्रिड डिजिटल संचार और स्वचालन के माध्यम से बिजली आपूर्ति और मांग का कुशल प्रबंधन करने वाली आधुनिक प्रणाली है।
- ऊर्जा सुरक्षा का अर्थ विश्वसनीय, किफायती और निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
- स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन (Clean Energy Transition) में हरित हाइड्रोजन, जैव ईंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण प्रमुख घटक माने जाते हैं।
गुरुग्राम में आयोजित 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक ने ऊर्जा सुरक्षा, सतत विकास और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सदस्य देशों के सहयोग को नई दिशा प्रदान की। स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण पर अपनाए गए साझा सिद्धांत भविष्य की टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन को गति देने में सहायक सिद्ध होंगे।