क्वाड की परमाणु निरस्त्रीकरण अपील को उत्तर कोरिया ने ठुकराया
उत्तर कोरिया ने 28 मई 2026 को क्वाड देशों द्वारा की गई परमाणु निरस्त्रीकरण की अपील को खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि वह अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को नहीं छोड़ेगा। यह प्रतिक्रिया क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद सामने आई, जो 23 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई थी। 26 मई 2026 को जारी संयुक्त बयान में उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग की गई थी, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप बताया गया।
क्वाड क्या है और इसका उद्देश्य
क्वाड यानी क्वाड्रिलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग एक रणनीतिक समूह है, जिसमें India, Australia, Japan और United States शामिल हैं। यह समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा, समुद्री सहयोग, तकनीकी विकास और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर सहयोग करता है। क्वाड समय-समय पर मंत्रिस्तरीय बैठकों और संयुक्त घोषणाओं के माध्यम से क्षेत्रीय सुरक्षा पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
उत्तर कोरिया का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम
उत्तर कोरिया, जिसे आधिकारिक रूप से Democratic People’s Republic of Korea कहा जाता है, वर्ष 2000 के दशक से लगातार परमाणु परीक्षण और बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण करता रहा है। देश का परमाणु कार्यक्रम उसकी रक्षा नीति और कोरियाई पीपुल्स आर्मी से जुड़ा हुआ है। उत्तर कोरिया का कहना है कि उसके परमाणु हथियार उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और बाहरी खतरों से रक्षा के लिए आवश्यक हैं।
संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय दबाव
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के खिलाफ कई प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रस्तावों में हथियारों के हस्तांतरण, मिसाइल तकनीक, वित्तीय सहायता और प्रतिबंधित सैन्य कार्यक्रमों से जुड़ी गतिविधियों पर रोक शामिल है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत सभी सदस्य देशों के लिए इन प्रतिबंधों को लागू करना अनिवार्य है। क्वाड देशों ने भी अपने बयान में सभी देशों से इन प्रतिबंधों का पूरी तरह पालन करने की अपील की।
साइबर गतिविधियों को लेकर चिंता
क्वाड के संयुक्त बयान में उत्तर कोरिया की साइबर गतिविधियों और आईटी कर्मचारियों के जरिए हथियार कार्यक्रमों के लिए धन जुटाने की बात भी उठाई गई। कई देशों और सुरक्षा एजेंसियों का आरोप है कि उत्तर कोरिया साइबर हमलों और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर प्रतिबंधों से बचने की कोशिश करता है। इस कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय उसकी साइबर गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रख रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- क्वाड समूह में India, Australia, Japan और United States शामिल हैं।
- Democratic People’s Republic of Korea उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम है।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव उत्तर कोरिया के परमाणु, मिसाइल और हथियार हस्तांतरण कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाते हैं।
- बैलिस्टिक मिसाइलें ऐसी मिसाइलें होती हैं जो प्रारंभिक ऊर्जा के बाद निर्धारित प्रक्षेप पथ का अनुसरण करती हैं।
उत्तर कोरिया और क्वाड देशों के बीच बढ़ता तनाव हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा राजनीति को प्रभावित कर सकता है। परमाणु कार्यक्रम, साइबर गतिविधियां और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध आने वाले समय में वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा व्यवस्था के प्रमुख मुद्दे बने रहेंगे।