कोयंबटूर एयरपोर्ट विस्तार से दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आधार

कोयंबटूर एयरपोर्ट विस्तार से दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आधार

तमिलनाडु के कोयंबटूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए तैयार 2,200 करोड़ रुपये के विस्तार मास्टर प्लान को नीति आयोग से मंजूरी मिल गई है। अब यह प्रस्ताव व्यय संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति की अंतिम स्वीकृति का इंतजार कर रहा है। विस्तार के लिए जरूरी भूमि पहले ही उपलब्ध हो चुकी है, जिससे परियोजना के आगे बढ़ने का रास्ता साफ माना जा रहा है।

क्या बदलेगा इस विस्तार से

यह योजना कोयंबटूर और आसपास के औद्योगिक-व्यावसायिक क्षेत्र की बढ़ती हवाई जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। वर्तमान में हवाई अड्डे के पास 420 एकड़ भूमि है, जबकि विस्तार के लिए 627 एकड़ अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता है। परियोजना पूरी होने पर हवाई अड्डे का कुल क्षेत्रफल 1,047 एकड़ से अधिक हो जाएगा।

कोयंबटूर तमिलनाडु के प्रमुख शहरी और औद्योगिक केंद्रों में शामिल है। ऐसे में हवाई अड्डे की क्षमता बढ़ने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, निवेश और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को भी बल मिल सकता है।

नया टर्मिनल और यात्री क्षमता

मास्टर प्लान के तहत लगभग 75,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाला नया टर्मिनल भवन प्रस्तावित है। इसकी डिजाइन क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष की होगी, जबकि मौजूदा क्षमता 36.3 लाख यात्रियों प्रति वर्ष है। यह अंतर बताता है कि मौजूदा ढांचा भविष्य की मांग के मुकाबले सीमित पड़ रहा है।

भीड़ कम करने के लिए 1,000 वर्ग मीटर के अंतरिम विस्तार कार्य भी प्रस्तावित हैं, जिन्हें दिसंबर 2026 तक पूरा करने की योजना है। इससे निर्माण कार्य के दौरान भी यात्रियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

रनवे विस्तार और तकनीकी तैयारी

परियोजना का एक अहम हिस्सा रनवे का विस्तार है। मौजूदा 2,990 मीटर लंबे रनवे को बढ़ाकर 3,810 मीटर किया जाएगा। इतनी लंबाई बड़े और वाइड-बॉडी विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त मानी जाती है और इससे लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संभावना भी बढ़ती है।

अधिकारियों के अनुसार, परियोजना को तकनीकी मंजूरियों के स्तर पर 75 से 80 प्रतिशत तक अनुपालन मिल चुका है। काम शुरू होने के बाद इसे पूरा होने में लगभग तीन वर्ष लगने का अनुमान है। भारत में हवाई अड्डा विस्तार परियोजनाओं में आम तौर पर टर्मिनल विस्तार, रनवे बढ़ाना, एप्रन विकास और यात्री सुविधाओं का उन्नयन शामिल होता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • कोयंबटूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तमिलनाडु में स्थित है और कोयंबटूर महानगरीय क्षेत्र को सेवा देता है।
  • इस विस्तार योजना की अनुमानित लागत 2,200 करोड़ रुपये है।
  • प्रस्तावित नया टर्मिनल लगभग 75,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनेगा।
  • रनवे की लंबाई 2,990 मीटर से बढ़ाकर 3,810 मीटर करने की योजना है।

मंजूरियों की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ कोयंबटूर एयरपोर्ट का यह विस्तार दक्षिण भारत की हवाई कनेक्टिविटी में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। बढ़ती यात्री संख्या और अंतरराष्ट्रीय परिचालन की जरूरतों को देखते हुए यह परियोजना क्षेत्र के लिए रणनीतिक महत्व रखती है।

Originally written on September 17, 2026 and last modified on September 17, 2026.

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