गुलफूड 2027 में भारत की बड़ी भूमिका, एपीडा ने बढ़ाया वैश्विक खाद्य व्यापार का दायरा

गुलफूड 2027 में भारत की बड़ी भूमिका, एपीडा ने बढ़ाया वैश्विक खाद्य व्यापार का दायरा

भारत के कृषि-निर्यात को नई अंतरराष्ट्रीय पहचान देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने दुबई में होने वाले गुलफूड के आयोजक InD Events Dubai के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत भारत को गुलफूड 2027 के लिए आधिकारिक साझेदार देश बनाया गया है।

भारत के कृषि-निर्यात को मिलेगा नया मंच

यह साझेदारी भारत के लिए केवल एक प्रदर्शनी भागीदारी नहीं, बल्कि वैश्विक खाद्य व्यापार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने का अवसर है। गुलफूड दुनिया के प्रमुख खाद्य एवं पेय व्यापार आयोजनों में से एक है, जहां अंतरराष्ट्रीय खरीदार, निर्यातक और उद्योग प्रतिनिधि एक ही मंच पर मिलते हैं। भारत की भागीदारी से देश के कृषि-उत्पाद, प्रसंस्कृत खाद्य, ब्रांडेड और मूल्यवर्धित उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

एपीडा के माध्यम से भारतीय निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स को भी वैश्विक खरीदारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि भारतीय कृषि-आधारित उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी।

गुलफूड और भारत-यूएई व्यापार संबंध

गुलफूड का आयोजन संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में होता है और यह पश्चिम एशिया के सबसे बड़े खाद्य व्यापार मंचों में गिना जाता है। गुलफूड 2027 का आयोजन 15 से 19 मार्च 2027 तक प्रस्तावित है। इससे पहले गुलफूड 2026 में भी भारत आधिकारिक साझेदार देश था, और उस दौरान एपीडा ने 600 से अधिक प्रदर्शकों के बीच 150 कंपनियों को प्रदर्शित किया था।

यह सहयोग भारत-यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के तहत व्यापारिक जुड़ाव को भी आगे बढ़ाता है। ऐसे मंचों पर व्यापार-से-व्यापार (B2B) बैठकें, नेटवर्किंग और उत्पाद प्रदर्शन के जरिए भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग समझने और अपनी पहुंच बढ़ाने का मौका मिलता है।

एपीडा की भूमिका और निर्यात रणनीति

एपीडा वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय है, जिसकी स्थापना कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1985 के तहत की गई थी। इसका मुख्य काम अनुसूचित कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को विकसित और प्रोत्साहित करना है।

भारत की निर्यात रणनीति में अब केवल कच्चे कृषि उत्पादों पर निर्भरता कम करने और अधिक मूल्यवर्धित, ब्रांडेड तथा गुणवत्ता-आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर है। गुलफूड जैसे मंच इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित होते हैं, क्योंकि यहां उपभोक्ता रुझान, पैकेजिंग, मानक और अंतरराष्ट्रीय मांग का सीधा आकलन किया जा सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एपीडा का पूरा नाम Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority है।
  • एपीडा वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्य करता है।
  • गुलफूड का आयोजन दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में होता है और यह क्षेत्र के सबसे बड़े खाद्य व्यापार आयोजनों में शामिल है।
  • FPO का अर्थ Farmer Producer Organisation है, जो किसानों के सामूहिक संगठन के रूप में काम करता है।
  • MSME का अर्थ Micro, Small and Medium Enterprises है, जो भारत की औद्योगिक और निर्यात नीति में महत्वपूर्ण श्रेणी है।
  • CEPA का उपयोग वस्तुओं, सेवाओं, निवेश और आर्थिक सहयोग से जुड़े व्यापार समझौतों के लिए किया जाता है।

इस समझौते से स्पष्ट है कि भारत अब कृषि-निर्यात को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि उसे वैश्विक ब्रांडिंग और बाजार विस्तार की रणनीति से जोड़ रहा है। गुलफूड 2027 में भारत की भागीदारी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Originally written on September 17, 2026 and last modified on September 17, 2026.

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