चांगवोन में भारत के पैराशूटरों ने रचा इतिहास

चांगवोन में भारत के पैराशूटरों ने रचा इतिहास

दक्षिण कोरिया के चांगवोन में आयोजित 2026 WSPS विश्व पैरा शूटिंग चैंपियनशिप में भारतीय पैराशूटर मिल्ली शाह और राकेश निदागुंडी ने टीम पदक जीतकर देश के लिए नया इतिहास बनाया। मिल्ली शाह ने R2 टीम स्पर्धा में स्वर्ण और राकेश निदागुंडी ने R1 टीम स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। यह पैराशूटिंग विश्व चैंपियनशिप में राइफल टीम इवेंट्स में भारत के पहले टीम पदक भी रहे।

भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

मिल्ली शाह, मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा की तिकड़ी ने R2 महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 टीम स्पर्धा में 1878.6 अंक जुटाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। दूसरी ओर, राकेश निदागुंडी, आनंदा कृष्णा और स्वरूप उण्हालकर की टीम ने R1 पुरुष 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में 1856.3 अंकों के साथ रजत पदक जीता। इन परिणामों ने भारत की पैराशूटिंग टीम को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दी है।

WSPS विश्व चैंपियनशिप और SH1 वर्ग क्या है

WSPS का पूरा नाम World Shooting Para Sport है, जो पैरा निशानेबाजी की वैश्विक संस्था है। इसकी विश्व चैंपियनशिप में राइफल और पिस्टल दोनों वर्गों की स्पर्धाएं होती हैं। SH1 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए होता है जो बिना सहारे के हथियार को संभाल सकते हैं। इसी वर्ग में R1 और R2 जैसी स्पर्धाएं आयोजित की जाती हैं, जो क्रमशः पुरुष और महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग इवेंट से जुड़ी हैं।

तैयारी, संस्थागत सहयोग और पदक तालिका

मिल्ली शाह और राकेश निदागुंडी दोनों विजयी भारत फाउंडेशन से जुड़े हैं और वहीं के हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में प्रशिक्षण लेते हैं। यह केंद्र पैरा-शूटिंग की तैयारी और तकनीकी सुधार में खिलाड़ियों की मदद करता है। चांगवोन 2026 चैंपियनशिप 16 सितंबर 2026 को समाप्त हुई, और मेजबान दक्षिण कोरिया ने 21 पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया, जिनमें 10 स्वर्ण, 4 रजत और 7 कांस्य शामिल थे।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • WSPS का अर्थ World Shooting Para Sport है।
  • SH1 वर्ग में वे पैरा-शूटर शामिल होते हैं जो बिना सहारे हथियार संभाल सकते हैं।
  • R2 महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 टीम स्पर्धा है।
  • R1 पुरुष 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 टीम स्पर्धा है।

चांगवोन में मिले इन पदकों ने भारतीय पैरा-शूटिंग के टीम प्रदर्शन को नई ऊंचाई दी है और यह संकेत दिया है कि भारत अब व्यक्तिगत नहीं, टीम स्पर्धाओं में भी मजबूत दावेदारी पेश कर रहा है।

Originally written on September 17, 2026 and last modified on September 17, 2026.

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