कोडगु में पीएम विश्वकर्मा कारीगरों को एआई और ई-कॉमर्स की नई राह

कोडगु में पीएम विश्वकर्मा कारीगरों को एआई और ई-कॉमर्स की नई राह

कोडगु जिले के कुशलनगर में 10 अगस्त 2026 को पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़े करीब 150 दर्जी लाभार्थियों के लिए ब्रांडिंग और मार्केटिंग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स, डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स पर उत्पाद सूचीकरण, क्यूआर कोड जनरेशन और उद्यम पोर्टल पर पंजीकरण जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।

कारीगरों के लिए डिजिटल बाजार की तैयारी

कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को बदलते बाजार से जोड़ना था, ताकि वे केवल स्थानीय ग्राहकों तक सीमित न रहें, बल्कि ऑनलाइन माध्यमों से भी अपने उत्पाद और सेवाएं बेच सकें। आज के समय में डिजिटल ब्रांडिंग, ऑनलाइन भुगतान और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपस्थिति छोटे उद्यमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।

इस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन ब्रांच एमएसएमई-डीएफओ, मंगलुरु ने कुशलनगर तालुक टेलर्स एसोसिएशन के सहयोग से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रांच एमएसएमई-डीएफओ, मंगलुरु के सहायक निदेशक एवं कार्यालय प्रमुख सुंदर शेरिगार ने की।

पीएम विश्वकर्मा योजना का दायरा

पीएम विश्वकर्मा योजना केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है। यह 18 पारंपरिक व्यवसायों को कवर करती है, जिनमें दर्जी, बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार और टोकरी बनाने वाले जैसे कारीगर शामिल हैं। योजना का मकसद इन पारंपरिक पेशों को प्रशिक्षण, पहचान और बाजार से जोड़कर अधिक सक्षम बनाना है।

कार्यक्रम में कोडगु जिला टेलर्स एसोसिएशन और कुशलनगर तालुक टेलर्स एसोसिएशन की भागीदारी भी रही। कार्यक्रम समन्वयक और सहायक निदेशक सुमन एस. राजू ने योजना के क्रियान्वयन चरणों और इसके लाभों की जानकारी दी।

पीएमईजीपी और उद्यम पोर्टल पर भी जानकारी

जिला उद्योग केंद्र, मदिकेरी के संयुक्त निदेशक हनुमथराया ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी पीएमईजीपी की विशेषताओं, पात्रता और वित्तीय सहायता के लिए आवेदन प्रक्रिया पर विस्तार से बताया। यह कार्यक्रम स्वरोजगार और नए उद्यम शुरू करने वालों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

इसके साथ ही उद्यम पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी गई। यह भारत सरकार की सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली है, जिसके जरिए छोटे उद्यम औपचारिक पहचान हासिल कर सकते हैं और विभिन्न सरकारी सुविधाओं तक पहुंच बना सकते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • पीएम विश्वकर्मा योजना केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्र योजना है।
  • यह योजना 18 पारंपरिक व्यवसायों को कवर करती है, जिनमें दर्जी, बढ़ई, लोहार और कुम्हार शामिल हैं।
  • पीएमईजीपी का पूरा नाम प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम है।
  • उद्यम पोर्टल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए भारत सरकार की ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था है।

कोडगु का यह कार्यक्रम दिखाता है कि पारंपरिक कारीगरों को अब केवल हुनर ही नहीं, बल्कि डिजिटल उपकरणों और ऑनलाइन बाजार की समझ भी दी जा रही है। यही बदलाव उन्हें प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।

Originally written on August 11, 2026 and last modified on August 11, 2026.

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