केरल में एआई-आधारित शासन सुधारों से प्रशासनिक कामकाज होगा तेज

केरल में एआई-आधारित शासन सुधारों से प्रशासनिक कामकाज होगा तेज

केरल ने 4 अगस्त 2026 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल सेवा वितरण और एकीकृत योजना प्रणालियों को राज्य प्रशासन में जोड़ने के लिए एक नई पहल शुरू की। इस कदम का उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं को सरल, तेज और अधिक पारदर्शी बनाना है, ताकि फाइलों, भूमि रिकॉर्ड, सार्वजनिक संपत्तियों और विकास परियोजनाओं से जुड़े कामों में देरी कम हो सके।

प्रशासन में एआई का नया उपयोग

राज्य की सुधार योजना में एआई को केवल तकनीकी उपकरण के रूप में नहीं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने वाले साधन के रूप में शामिल किया गया है। इसके तहत नोट तैयार करने, सरकारी आदेशों को खोजने, दस्तावेजों का सार निकालने और अनुवाद जैसे कामों में एआई का उपयोग किया जाएगा। इससे सचिवालय और विभागीय स्तर पर समय की बचत होने की उम्मीद है।साथ ही, एक केंद्रीय प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट और एआई-सक्षम बिजनेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग सेल भी बनाई गई है। इन संस्थागत बदलावों का मकसद यह है कि सरकारी कामकाज केवल डिजिटल न हो, बल्कि प्रक्रियाओं के स्तर पर भी अधिक सुव्यवस्थित हो।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से भूमि और संपत्ति प्रबंधन

केरल ने भूमि अधिग्रहण को तेज करने के लिए VEGAM फ्रेमवर्क शुरू किया है। राज्य का दावा है कि इससे प्री-नोटिफिकेशन चरण 18-24 महीने से घटकर लगभग तीन से चार महीने तक आ सकता है। यह बदलाव तकनीक-आधारित वर्कफ्लो और बेहतर समन्वय पर आधारित है।इसी तरह, SAMPATH पोर्टल को राज्य की भूमि, भवनों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों के लिए जीआईएस-आधारित डिजिटल रजिस्टर के रूप में विकसित किया गया है। इससे संपत्तियों की पहचान, निगरानी और रखरखाव योजना बनाना आसान होगा। PLANSPACE 2.0 को विकास परियोजनाओं के लिए एकीकृत डिजिटल रजिस्टर के रूप में लाया गया है और इसे पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप रखा गया है।

एक बार दस्तावेज जमा करने की व्यवस्था और नियमों में बदलाव

नई व्यवस्था में DigiLocker के जरिए “once-only” दस्तावेज जमा करने का ढांचा भी शामिल है। इसका अर्थ है कि नागरिकों को बार-बार वही दस्तावेज अलग-अलग विभागों में जमा नहीं करने पड़ेंगे। इससे सेवा वितरण में सुविधा बढ़ेगी और कागजी प्रक्रिया घटेगी।सरकार ने पुराने और अप्रासंगिक कानूनों की समीक्षा, समन्वय इकाइयों के गठन और सचिवालय की प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी जोर दिया है। एआई-सक्षम BPPR सेल सचिवालय कार्यालय मैनुअल और रूल्स ऑफ बिजनेस में संशोधन के लिए काम करेगा। यह सेल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप ढालने में मदद करेगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • DigiLocker भारत सरकार का डिजिटल दस्तावेज़ वॉलेट है, जिसे डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत शुरू किया गया था।
  • GIS यानी Geographic Information System, स्थानिक डेटा और मैपिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली तकनीक है।
  • PM Gati Shakti National Master Plan की शुरुआत केंद्र सरकार ने 2021 में की थी।
  • Business Process Re-engineering का अर्थ है प्रशासनिक प्रक्रियाओं को दोबारा इस तरह डिजाइन करना कि काम तेज और सरल हो सके।

केरल की यह पहल दिखाती है कि राज्य प्रशासन अब केवल ई-गवर्नेंस तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि एआई और एकीकृत डिजिटल प्रणालियों के जरिए शासन की पूरी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बढ़ रहा है।

Originally written on August 5, 2026 and last modified on August 5, 2026.

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