कुरील द्वीप विवाद के बीच इटुरुप दौरे से बढ़ा जापान-रूस तनाव

कुरील द्वीप विवाद के बीच इटुरुप दौरे से बढ़ा जापान-रूस तनाव

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 13 अगस्त 2026 को इटुरुप द्वीप का दौरा किया, जिसे जापान एटोरोफू के नाम से भी जानता है। यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब कुरील द्वीप समूह को लेकर जापान और रूस के बीच दशकों पुराना विवाद अब भी अनसुलझा है। जापान इन द्वीपों को अपने ‘नॉर्दर्न टेरिटरीज’ मानता है, जबकि रूस इन्हें अपने प्रशासनिक नियंत्रण में रखता है।

कुरील द्वीप विवाद की पृष्ठभूमि

कुरील द्वीप रूस के कामचटका प्रायद्वीप और जापान के होक्काइदो के बीच फैला ज्वालामुखीय द्वीपसमूह है। विवाद मुख्य रूप से चार दक्षिणी द्वीपों—इटुरुप, कुनाशिर, शिकोटन और हाबोमाई द्वीपसमूह—को लेकर है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से यह मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में लगातार तनाव का कारण बना हुआ है।

सबसे अहम बात यह है कि जापान और रूस ने अब तक ऐसा शांति समझौता नहीं किया है, जो इस क्षेत्रीय विवाद को औपचारिक रूप से समाप्त कर सके। इसी वजह से यह मुद्दा केवल सीमा विवाद नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और कूटनीतिक संवेदनशीलता का प्रतीक भी बन गया है।

इटुरुप क्यों है रणनीतिक रूप से अहम

इटुरुप विवादित समूह का सबसे बड़ा द्वीप है और रूस के सखालिन ओब्लास्ट के प्रशासन में आता है। यह द्वीप उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर में अपनी स्थिति के कारण सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। पुतिन ने यहां यास्नी फिश-प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स, स्थानीय स्कूलों और चिकित्सा सुविधाओं का भी निरीक्षण किया, जिससे यह संकेत मिला कि रूस इस क्षेत्र में नागरिक ढांचे और उपस्थिति को मजबूत बनाए रखना चाहता है।

ऐसे दौरे अक्सर केवल प्रतीकात्मक नहीं होते, बल्कि वे यह संदेश भी देते हैं कि रूस इन द्वीपों पर अपने दावे और नियंत्रण को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है।

जापान-रूस कूटनीतिक प्रतिक्रिया

पुतिन की यात्रा के बाद जापान के विदेश मंत्रालय ने रूसी राजदूत निकोलाई नोज़द्रेव को तलब किया और औपचारिक विरोध दर्ज कराया। इसके जवाब में रूस ने भी मॉस्को में जापानी राजदूत अकीरा मuto को बुलाकर जापान की आलोचना पर आपत्ति जताई। रूसी उप विदेश मंत्री मिखाइल गलुजिन ने कहा कि रूस, जापान द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और यूक्रेन को समर्थन दिए जाने के जवाब में प्रतिकारात्मक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • जापान कुरील द्वीपों को नॉर्दर्न टेरिटरीज कहता है।
  • इटुरुप द्वीप का जापानी नाम एटोरोफू है।
  • विवादित चार द्वीप हैं: इटुरुप, कुनाशिर, शिकोटन और हाबोमाई द्वीपसमूह
  • इन द्वीपों का प्रशासन रूस के सखालिन ओब्लास्ट के तहत आता है।

पुतिन का यह दौरा दिखाता है कि कुरील द्वीप विवाद अभी भी रूस-जापान संबंधों में एक केंद्रीय मुद्दा बना हुआ है। जब तक शांति संधि और क्षेत्रीय दावे पर सहमति नहीं बनती, तब तक ऐसे दौरे दोनों देशों के बीच तनाव को और गहरा करते रहेंगे।

Originally written on August 20, 2026 and last modified on August 20, 2026.

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