काठमांडू में BHASHINI से बहुभाषी डिजिटल सेवाओं को नई रफ्तार

काठमांडू में BHASHINI से बहुभाषी डिजिटल सेवाओं को नई रफ्तार

भारत की राष्ट्रीय भाषा प्रौद्योगिकी पहल BHASHINI को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए काठमांडू में एक विशेष डेवलपर सत्र आयोजित किया गया। 31 अगस्त 2026 को भारत के दूतावास, काठमांडू में हुए इस कार्यक्रम में नेपाल के डेवलपर्स, तकनीकी विशेषज्ञों, छात्रों और नवाचार से जुड़े प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सत्र का फोकस भाषा-आधारित एआई, बहुभाषी डिजिटल सेवाओं और सार्वजनिक डिजिटल ढांचे में भाषा तकनीक की भूमिका पर रहा।

BHASHINI क्या है और क्यों अहम है

BHASHINI, भारत की राष्ट्रीय भाषा प्रौद्योगिकी मंच है, जो भाषण और पाठ आधारित डिजिटल सेवाओं को सक्षम बनाती है। यह मंच एपीआई के माध्यम से काम करता है, जिससे अनुवाद, स्पीच रिकग्निशन, स्पीच सिंथेसिस और अन्य भाषा-प्रसंस्करण सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकती हैं। सरल शब्दों में, BHASHINI का उद्देश्य डिजिटल सेवाओं को भाषा की बाधा से मुक्त करना है, ताकि अलग-अलग भाषाओं के उपयोगकर्ता भी समान रूप से तकनीक का लाभ ले सकें।

काठमांडू सत्र में क्या हुआ

यह डेवलपर सत्र डिजिटल इंडिया BHASHINI डिवीजन ने डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आयोजित किया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को BHASHINI के एपीआई और डेवलपर संसाधनों से परिचित कराया गया। सत्र को “Develop with BHASHINI”, “Solve with BHASHINI”, “Scale with BHASHINI” और “Innovate with BHASHINI” जैसे ढांचे के जरिए प्रस्तुत किया गया, ताकि डेवलपर्स भाषा तकनीक के व्यावहारिक उपयोग समझ सकें।

क्षेत्रीय सहयोग और डिजिटल सार्वजनिक सेवाएँ

कार्यक्रम में डिजिटल इंडिया BHASHINI डिवीजन के सीईओ श्री अमिताभ नाग ने भी संबोधन दिया। काठमांडू में आयोजित यह पहल केवल तकनीकी प्रस्तुति तक सीमित नहीं थी, बल्कि भारत-नेपाल के बीच डिजिटल सहयोग को भी मजबूत करने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है। इसी क्रम में दूतावास के ऑडिटोरियम में अंतरराष्ट्रीय BHASHINI SANGAM वर्कशॉप भी आयोजित की गई, जिसका संबंध बहुभाषी सार्वजनिक सेवाओं और द्विपक्षीय तकनीकी सहयोग से था।

इसी अवधि में डिजिटल इंडिया BHASHINI डिवीजन ने गंगटोक में BHASHINI राज्यम वर्कशॉप: सिक्किम चैप्टर भी आयोजित किया, जिसमें क्षेत्रीय डिजिटल शासन में वॉइस-फर्स्ट एआई अनुप्रयोगों पर चर्चा हुई। इससे स्पष्ट है कि BHASHINI को केवल एक भाषा मंच नहीं, बल्कि डिजिटल गवर्नेंस और सार्वजनिक सेवाओं के लिए एक व्यापक तकनीकी ढांचे के रूप में विकसित किया जा रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • BHASHINI का पूरा नाम राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन से जुड़ा है और यह भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा है।
  • Digital India Corporation, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत कार्य करती है।
  • API ऐसे तकनीकी इंटरफेस होते हैं, जिनके जरिए सॉफ्टवेयर सिस्टम आपस में डेटा और सेवाओं का आदान-प्रदान करते हैं।
  • बहुभाषी सार्वजनिक सेवाओं का उद्देश्य नागरिकों को उनकी भाषा में डिजिटल प्लेटफॉर्म और सरकारी सेवाओं तक पहुंच देना है।

काठमांडू में हुआ यह सत्र दिखाता है कि भाषा तकनीक अब केवल अनुवाद तक सीमित नहीं रही, बल्कि डिजिटल समावेशन, सार्वजनिक सेवाओं और क्षेत्रीय सहयोग का महत्वपूर्ण माध्यम बनती जा रही है।

Originally written on September 1, 2026 and last modified on September 1, 2026.

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