कर्नाटक में सेमीकंडक्टर पार्क से चिप निर्माण को नई रफ्तार
कर्नाटक ने बेंगलुरु के पास KWIN City में 200 एकड़ का सेमीकंडक्टर पार्क विकसित करने की योजना बनाई है, जिसे दिसंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना राज्य के उस बड़े औद्योगिक विज़न का हिस्सा है, जिसमें चिप निर्माण, पैकेजिंग, परीक्षण और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को एक ही इकोसिस्टम में जोड़ा जाएगा।
क्यों अहम है यह सेमीकंडक्टर पार्क
सेमीकंडक्टर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स की रीढ़ हैं। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, वाहन, सेंसर और कई औद्योगिक उपकरण इन्हीं पर निर्भर करते हैं। ऐसे में किसी भी राज्य में सेमीकंडक्टर पार्क का बनना सिर्फ एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम माना जाता है।कर्नाटक का यह पार्क डिजाइन और विकास से लेकर प्रोटोटाइप, परीक्षण, प्रमाणन और निर्यात तक पूरे उत्पाद चक्र को समर्थन देने के लिए तैयार किया जा रहा है। औद्योगिक क्लस्टर मॉडल का फायदा यह होता है कि उत्पादन से जुड़ी इकाइयाँ एक जगह होने से लॉजिस्टिक्स लागत घटती है और सप्लाई-चेन समन्वय बेहतर होता है।
निवेश, रोजगार और ESDM सेक्टर पर फोकस
पिछले दो वर्षों में कर्नाटक ने सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग यानी ESDM सेक्टर में 23,000 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से 3,500 से अधिक उच्च-कौशल इंजीनियरिंग नौकरियाँ पैदा होने का अनुमान है।राज्य में Lam Research ने 15,901 करोड़ रुपये, Applied Materials India ने 4,851 करोड़ रुपये और Bharat Semi Systems ने 2,342 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह संकेत देता है कि कर्नाटक पहले से ही वैश्विक और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए एक मजबूत गंतव्य बनता जा रहा है।
एमएसएमई और वैश्विक साझेदारियों की भूमिका
राज्य सरकार सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी MSMEs को भी जोड़ने की योजना बना रही है। भारत में MSME सेक्टर औद्योगिक वेंडर बेस का बड़ा हिस्सा है और बड़े विनिर्माण नेटवर्क को कंपोनेंट, सब-असेंबली और सपोर्ट सर्विस उपलब्ध कराता है।कर्नाटक केवल सेमीकंडक्टर तक सीमित नहीं है। राज्य अपनी Aerospace and Defence Policy 2026-31 को भी अंतिम रूप दे रहा है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, e-VTOL विमान, एम्बेडेड सॉफ्टवेयर और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही लक्ज़मबर्ग और जापान के साथ निवेश एवं तकनीकी साझेदारियों पर भी बातचीत आगे बढ़ रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- KWIN City का पूरा नाम Knowledge, Wellbeing and Innovation City है।
- सेमीकंडक्टर कंप्यूटर, मोबाइल फोन और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली चिप्स के मूल घटक हैं।
- ESDM का अर्थ Electronics System Design and Manufacturing है।
- MSME सेक्टर भारत में आपूर्ति श्रृंखला के वेंडर और कंपोनेंट सप्लायर नेटवर्क का अहम हिस्सा होता है।
बेंगलुरु पहले से ही भारत का बड़ा तकनीकी और एयरोस्पेस हब है, इसलिए इस सेमीकंडक्टर पार्क से कर्नाटक की औद्योगिक बढ़त और मजबूत होने की संभावना है। आने वाले वर्षों में यह परियोजना राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण के नक्शे पर और अधिक प्रमुख बना सकती है।