कर्नाटक के नीलम-तोतापुरी आमों की मालदीव तक पहली हवाई खेप

कर्नाटक के नीलम-तोतापुरी आमों की मालदीव तक पहली हवाई खेप

कृषि निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम के तहत APEDA ने 30 जुलाई 2026 को कर्नाटक से नीलम और तोतापुरी आमों की पहली हवाई खेप मालदीव भेजने में मदद की। एक मीट्रिक टन वजन वाली इस खेप को APEDA के अध्यक्ष श्री अभिषेक देव, आईएएस ने रवाना किया। यह पहल भारतीय आमों के लिए नए बाजार खोलने और किसानों को सीधे अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने का संकेत देती है।

कर्नाटक के आमों के लिए नया निर्यात रास्ता

यह खेप कर्नाटक के कोलार जिले के केजीएफ तालुक में स्थित M/s Prakruthimaya Farmers Producer Company Ltd. से जुड़े किसानों से सीधे खरीदी गई थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि किसान उत्पादक कंपनियां छोटे उत्पादकों को संगठित कर बेहतर बाजार तक पहुंच दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।खेप का संचालन M/s Ahalya Devi Ventures की निदेशक श्रीमती अश्विनी ए. ने किया, जो एक महिला उद्यमी और निर्यातक हैं। यह तथ्य कृषि निर्यात में महिला उद्यमिता की बढ़ती भागीदारी को भी रेखांकित करता है।

नीलम और तोतापुरी क्यों महत्वपूर्ण हैं

नीलम और तोतापुरी दक्षिण भारत की प्रमुख आम किस्में हैं। नीलम एक लेट-सीजन यानी देर से पकने वाली किस्म है, जबकि तोतापुरी अपने रेशेदार गूदे और विशिष्ट आकार के कारण टेबल उपयोग के साथ-साथ प्रोसेसिंग में भी व्यापक रूप से इस्तेमाल होती है।ऐसी किस्मों का निर्यात इसलिए भी अहम है क्योंकि ये आम के निर्यात मौसम को लंबा करती हैं। इससे भारत की निर्यात टोकरी अधिक विविध बनती है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सालभर आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलती है।

APEDA की भूमिका और निर्यात ढांचा

APEDA, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority Act, 1985 के तहत की गई थी। इसका मुख्य काम भारत के अनुसूचित कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात का विकास और संवर्धन करना है।यह संस्था देश में कृषि निर्यात के लिए नोडल प्रमोशन बॉडी के रूप में काम करती है। ऐसे प्रयासों से न केवल किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ती है, बल्कि भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहुंच भी मजबूत होती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • APEDA की स्थापना 1985 में एक अधिनियम के तहत की गई थी।
  • यह भारत में अनुसूचित कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने वाली प्रमुख संस्था है।
  • किसान उत्पादक कंपनियां कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत पंजीकृत होती हैं और सामूहिक खेती व विपणन में मदद करती हैं।
  • कोलार जिला कर्नाटक में आम उत्पादन के लिए जाना जाता है।

मालदीव को कर्नाटक के आमों की यह पहली हवाई खेप भारतीय कृषि निर्यात के लिए एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक दोनों तरह की उपलब्धि है। इससे स्थानीय किसानों, निर्यातकों और नए विदेशी बाजारों के बीच सीधा संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है।

Originally written on July 31, 2026 and last modified on July 31, 2026.

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