एशियन जूनियर ब्लिट्ज में भारत का दबदबा, विग्नेश और सरन्या बने चैंपियन
मुंबई में 17 अगस्त 2026 को खेले गए एशियन जूनियर ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओपन और गर्ल्स दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। विग्नेश वर्मुला ने ओपन वर्ग में और सरन्या देवी ने गर्ल्स वर्ग में खिताब जीतकर भारत की बढ़त को मजबूत किया। यह प्रतियोगिता महाराष्ट्र चेस एसोसिएशन के तत्वावधान में मुंबई के आईटीसी मराठा शेराटन में आयोजित की गई।
ब्लिट्ज फॉर्मेट में तेज सोच और सटीकता की परीक्षा
ब्लिट्ज शतरंज को तेज समय-सीमा वाला प्रारूप माना जाता है, जिसमें खिलाड़ियों को बहुत कम समय में चालें चलनी होती हैं। इस वजह से इसमें केवल रणनीति ही नहीं, बल्कि दबाव में तुरंत निर्णय लेने की क्षमता भी निर्णायक बन जाती है। एशियन जूनियर चैंपियनशिप एशिया के जूनियर खिलाड़ियों के लिए एक महाद्वीपीय स्तर की प्रमुख प्रतियोगिता है, जहां उभरते हुए खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।
ओपन वर्ग में विग्नेश ने टाई-ब्रेक से जीता स्वर्ण
ओपन ब्लिट्ज वर्ग में 23वीं वरीयता प्राप्त विग्नेश वर्मुला ने अंक बराबर रहने के बावजूद टाई-ब्रेक स्कोर के आधार पर खिताब जीता। इस वर्ग में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा साफ दिखा, क्योंकि शीर्ष स्थानों पर भारतीय ही रहे। शर्नार्थी वीरेश दूसरे स्थान पर रहे, जबकि नंदिश वी. एस. ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा अक्षय बोरगांवकर चौथे और माधवेंद्र प्रताप शर्मा पांचवें स्थान पर रहे।
गर्ल्स वर्ग में सरन्या देवी की रणनीतिक जीत
गर्ल्स ब्लिट्ज वर्ग में 9वीं वरीयता प्राप्त सरन्या देवी ने पूरे टूर्नामेंट में संतुलित और रणनीतिक खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक जीता। प्रिशिता गुप्ता ने रजत और शन्मथी श्री ने कांस्य पदक हासिल किया। इस वर्ग में तुर्कमेनिस्तान की शीर्ष वरीय लाला शोह्रादोवा चौथे स्थान पर रहीं और पदक से चूक गईं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ब्लिट्ज शतरंज में खिलाड़ियों को सामान्य शतरंज की तुलना में बहुत कम समय मिलता है, इसलिए यह तेज निर्णय क्षमता की परीक्षा होती है।
- टाई-ब्रेक स्कोर का उपयोग तब किया जाता है जब दो या अधिक खिलाड़ी समान अंक पर रहते हैं।
- एशियन जूनियर शतरंज चैंपियनशिप एशिया के जूनियर खिलाड़ियों के लिए एक महाद्वीपीय प्रतियोगिता है।
- महाराष्ट्र चेस एसोसिएशन भारत की एक राज्य स्तरीय शतरंज संस्था है और मुंबई देश में बड़े शतरंज आयोजनों का प्रमुख केंद्र है।
मुंबई में हुए इस आयोजन ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय जूनियर शतरंज खिलाड़ी तेज प्रारूपों में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं।